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दारू प्रखंड के मेढ़कुरी खुर्द पंचायत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के नियमित रूप से संचालित नहीं होने पर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र अधिकांश समय बंद रहता है और मुख्य द्वार पर ताला लगा रहता है। इसके कारण मरीजों को इलाज के लिए करीब 20 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। डिलीवरी और अन्य आपात स्थितियों में परेशानी अधिक होती है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र पर तैनात स्टाफ को 24*7 उपलब्ध रहने के निर्देश हैं, फिर भी सेवाएं नहीं मिल रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सरकार ने गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने के लिए लाखों रुपए की लागत से यह केंद्र बनवाया था। लेकिन चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपलब्धता नहीं होने से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि केंद्र के खुलने और बंद होने का कोई निर्धारित समय सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे मरीजों को बार-बार लौटना पड़ता है। ग्रामीण राजू रजक ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र गांव में होने के बावजूद इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है। इससे समय और पैसे की अतिरिक्त बर्बादी होती है। उन्होंने कहा कि आपातकाल में स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर निगरानी की कमी का आरोप लगाते हुए मुखिया भोला तुरी को भी उदासीन बताया। इस पर भोला तुरी ने फोन पर कहा कि वे पिछले कुछ दिनों से उस क्षेत्र में नहीं गए हैं और जानकारी लेकर समाधान का प्रयास करेंगे। प्रभारी चिकित्सक डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि केंद्र में दो कर्मी पदस्थापित हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं अतिरिक्त प्रभार में कार्यरत हैं और केंद्र की व्यवस्था व निगरानी सिविल सर्जन के अधीन है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि केंद्र को नियमित रूप से चलाया जाए और चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि गांव में ही बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
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