भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

एक खेत में एक साथ दो फसल, डबल कमाई! देवघर के अंबिका...


होमताजा खबरकृषि

एक खेत में दो फसल, डबल कमाई! देवघर के किसान ने ओल-पपीते से पेश की मिसाल

Last Updated:

देवघर के किसान अंबिका कुशवाहा ने एक अनोखा मॉडल तैयार किया है. उन्होंने अपने खेत में ओल और पपीते की मिश्रित खेती की है. इससे खेत की पूरी जगह का सही उपयोग हो रहा है. इस तकनीक से उनकी आमदनी दोगुनी हो गई है. अब दूर-दूर से किसान इस सफल मॉडल को देखने आ रहे हैं.

ख़बरें फटाफट

देवघरः देवघर जिले के किसान अब सिर्फ परंपरागत खेती तक सीमित नहीं रह गए हैं. समय के साथ खेती के तरीके भी बदल रहे हैं और किसान नई-नई तकनीकों को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. इसकी एक बेहतरीन मिसाल देवघर प्रखंड के गोपीडीह गांव के रहने वाले किसान अंबिका कुशवाहा हैं. उन्होंने अपने खेत में ओल और पपीते की एक साथ खेती कर ऐसा मॉडल तैयार किया है. जिसे देखने के लिए अब दूर-दूर से किसान पहुंच रहे हैं. एक ही खेत में दो फसल लेकर वे अच्छी-खासी कमाई कर रहे हैं और दूसरे किसानों को भी इसी तरह की खेती अपनाने की सलाह दे रहे हैं.

क्या कहते है किसान?
अंबिका कुशवाहा ने लोकल 18 को बताया कि पहले वे भी सामान्य तरीके से खेती करते थे. धान, गेहूं और दूसरी पारंपरिक फसलों से जितनी मेहनत होती थी, उसके मुकाबले आमदनी बहुत कम होती थी.ऐसे में उन्होंने सोचा कि क्यों न कुछ ऐसा किया जाए जिससे एक ही जमीन से ज्यादा उत्पादन मिले और आमदनी भी बढ़े. इसके बाद उन्होंने पपीते का बाग लगाया. जब पपीते के पौधे बड़े होने लगे तो उन्होंने देखा कि पौधों के बीच काफी खाली जगह बच रही है. तभी उनके मन में उस खाली जगह का उपयोग करने का विचार आया और उन्होंने वहीं ओल की खेती शुरू कर दी. आज यही फैसला उनके लिए फायदे का सौदा साबित हो रहा है.

पपीते की खेती फायदेमंद 
उनका कहना है कि पपीते के पौधों के बीच ओल लगाने से दोनों फसलों को किसी तरह का नुकसान नहीं होता.पपीता ऊपर की ओर बढ़ता है, जबकि ओल जमीन के अंदर तैयार होता है. ऐसे में दोनों फसलें एक-दूसरे की जगह नहीं घेरतीं और खेत का पूरा उपयोग हो जाता है.एक ही खेत से दो अलग-अलग फसलों की पैदावार मिलने से आमदनी भी पहले के मुकाबले काफी बढ़ गई है. बाजार में पपीते की मांग पूरे साल बनी रहती है, वहीं ओल की भी अच्छी कीमत मिल जाती है. इस वजह से सालभर आय का एक बेहतर स्रोत बना रहता है.

सही समय पर करें सिंचाई 
अंबिका कुशवाहा बताते हैं कि इस खेती में सबसे जरूरी बात समय पर देखभाल करना है. खेत में नियमित सिंचाई, खरपतवार की सफाई और जैविक खाद का इस्तेमाल करने से फसल की गुणवत्ता अच्छी रहती है. उनका कहना है कि अगर किसान शुरुआत से ही सही योजना बनाकर खेती करें और कृषि विभाग के विशेषज्ञों की सलाह लेते रहें, तो कम जमीन में भी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. मेहनत जरूर करनी पड़ती है, लेकिन उसका परिणाम भी उतना ही अच्छा मिलता है.

मिश्रित खेती से आय हुई दोगुणा 
गोपीडीह के किसान अंबिका कुशवाहा की यह पहल आज इलाके के किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है. उनकी सफलता यह बताती है कि अगर किसान पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक और मिश्रित खेती का तरीका अपनाएं, तो कम जमीन से भी बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है. यही वजह है कि अब कई किसान भी उनके मॉडल को अपनाने की तैयारी कर रहे हैं. खेती में बदलाव की यह पहल न सिर्फ किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देने का काम कर रही है.

About the Author

Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top