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भारत का एमका फाइटर जेट सरेआम दुश्मनों का काल बनेगा. एडीए इसके डेवलपमेंट को लेकर काम कर रही है. इसी के मद्देनजर पुट्टपर्थी में फ्लाइट टेस्ट सेंटर की नींव रखी जाएगी. विमान एकीकरण का सबसे भारी और डरावना काम यहां होगा. इस सेंटर से एमका प्रोजेक्ट को रफ्तार मिलेगी. भारत अब फिफ्थ जनरेशन जेट में अपनी पावर दिखाने को तैयार है.
भारत का ‘एमका’ प्रोजेक्ट दुश्मनों के लिए खतरे की घंटी है. (एआई)
नई दिल्ली. भारत द्वारा विकसित किए जा रहे पांचवीं पीढ़ी के ‘एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट’ (एमका) के निर्माण में तेजी लाने की तैयारी की जा रही है. एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) इस फाइटर जेट के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. शुक्रवार को इसी एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के विमान एकीकरण और उड़ान परीक्षण केंद्र की आधारशिला रखी जाएगी. यह पहल आंध्र प्रदेश में की जा रही है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू 15 मई को आंध्र प्रदेश के श्रीसत्य साईं जिले के पुट्टपर्थी में कई एयरोस्पेस और रक्षा परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. इन परियोजनाओं को भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता, स्वदेशी सैन्य तकनीक और आत्मनिर्भर रक्षा विनिर्माण को नई गति देने वाला माना जा रहा है. इस दौरान एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के विमान एकीकरण और उड़ान परीक्षण केंद्र की आधारशिला भी रखी जाएगी.
यह अत्याधुनिक सुविधा भारत के स्वदेशी ‘उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान’ यानी एएमसीए (एमका) प्रोग्राम के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इस केंद्र में विमान एकीकरण, परीक्षण, सत्यापन और प्रमाणन से जुड़े कार्य किए जाएंगे. इससे भारतीय फाइटर जेट एमका परियोजना के विकास और परीक्षण प्रक्रिया में तेजी आएगी. ‘एमका’ भारत की पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ लड़ाकू विमान परियोजना है. इसे भारतीय वायुसेना की भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अनाकापल्ली जिले के टी. सिरासपल्ली गांव में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड की अत्याधुनिक नौसेना प्रणाली निर्माण सुविधा की भी आधारशिला रखेंगे. यह नया परिसर उन्नत जलमग्न हथियार प्रणालियों और नौसैनिक युद्ध प्रणालियों के निर्माण के लिए विकसित किया जाएगा.
माना जा रहा है कि यह सुविधा भारतीय नौसेना की बढ़ती सामरिक जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी और समुद्री सुरक्षा क्षमता को और मजबूत करेगी. इसके अलावा कई निजी रक्षा और प्रौद्योगिकी कंपनियों की परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया जाएगा. इनमें कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स लिमिटेड की सहायक कंपनी अग्नेयास्त्रा एनर्जेटिक्स लिमिटेड की डिफेंस एनर्जेटिक्स फैसिलिटी प्रमुख है. यह परियोजना रक्षा क्षेत्र में उन्नत ऊर्जा और विस्फोटक प्रणालियों के स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देगी.
श्रीसत्य साईं जिले के मदाकासिरा में एचएफसीएल लिमिटेड के गोला-बारूद और इलेक्ट्रिक फ्यूज प्लांट की आधारशिला भी रखी जाएगी. यह संयंत्र आधुनिक सैन्य गोला-बारूद और इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज निर्माण क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा. कुरनूल में प्रस्तावित ड्रोन सिटी परियोजना का भी शिलान्यास होगा. यह परियोजना ड्रोन प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, विनिर्माण और परीक्षण के लिए एक समर्पित केंद्र के रूप में विकसित की जाएगी. इससे रक्षा, कृषि, निगरानी, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक उपयोगों के लिए ड्रोन तकनीक को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
समारोह के दौरान आंध्र प्रदेश सरकार और विभिन्न रक्षा एवं औद्योगिक संस्थाओं के बीच कई समझौता ज्ञापनों यानी एमओयू पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है. इन समझौतों के माध्यम से राज्य में रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस निवेश, रोजगार सृजन और उच्च तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से आंध्र प्रदेश देश के प्रमुख रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण केंद्रों में तेजी से उभर सकता है. साथ ही, यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें