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Palamu Siberian Husky: साइबेरियन हस्की, डॉग की ऐसी ब्रीड है जो ठंडी जगहों पर रहती है. इसे पालना आसान नहीं है पर यह बेड़ा उठाया है पलामू के लक्ष्य श्रेष्ठ ने. इस गर्म मौसम में यह डॉग खास कूलिंग बेड पर सोता है, एसी में रहता है और खाने में दही, बटर, मिल्कशेक, लस्सी जैसी चीजें लेता है.
पलामू. साइबेरिया जैसे ठंडे प्रदेशों में पाए जाने वाले साइबेरियन हस्की को पलामू जैसे गर्म इलाके में पालना आसान काम नहीं है. लेकिन पलामू जिले के एक डॉग लवर ने इस चुनौती को जिम्मेदारी के साथ स्वीकार किया है. जिसकी विशेष देखभाल, संतुलित खानपान और ठंडे माहौल की व्यवस्था कर हस्की को स्वस्थ रखा जा रहा है. उसका विशेष तौर पर खानपान का ध्यान दिया जा रहा है.
ठंडे मौसम का कुत्ता, गर्म इलाके में खास इंतजाम
साइबेरियन हस्की मूल रूप से बर्फीले क्षेत्रों में रहने वाली नस्ल है. इसकी मोटी फर और ऊर्जा से भरपूर शरीर ठंडे मौसम के लिए अनुकूल माना जाता है. ऐसे में पलामू जैसे गर्म क्षेत्र में इसे पालने के लिए हर मौसम पर नजर रखनी पड़ती है. मालिक ने घर में एसी की सुविधा दी है, ताकि गर्मी के दिनों में इसे राहत मिल सके. वहीं, गर्मी के दिनों में यह थोड़ा सुस्त पड़ जाता है. इसके लिए बर्फ का बॉल खिलाया जाता है.
ऑनलाइन मंगाया गया कूलिंग बेड
लक्ष्य श्रेष्ठ ने लोकल18 को बताया कि हस्की के आराम के लिए खास कूलिंग बेड ऑनलाइन मंगाया गया है. गर्मी बढ़ने पर यह बेड शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद करता है. वहीं, एसी में इसकी विशेष देखभाल की जाती है. खाने में इसे बर्फ पसंद है. दिन के समय इसे धूप में बाहर नहीं निकाला जाता और बालकनी में भी सीमित समय तक रखा जाता है.
खानपान में डेयरी प्रोडक्ट पहली पसंद
उन्होंने कहा कि इसका नाम जोरो रखा गया है. इसकी सबसे खास बात इसका खानपान है. इसे डेयरी प्रोडक्ट बेहद पसंद हैं. दही, दूध, पनीर, चीज, घी, बटर, लस्सी और मिल्क शेक यह बड़े चाव से खाता है. मालिक बताते हैं कि गर्मी के मौसम में इसे ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थ ज्यादा दिए जाते हैं, ताकि शरीर में गर्मी न बढ़े. यह अमूल का बटर ही खाता है. दूसरी कंपनी का बटर इसे पसंद नहीं है.
नेचुरल डाइट पर जोर
उन्होंने कहा कि जोरो को पैकेट फूड से दूर रखा गया है. पैकेट फूड से कई तरह की बीमारियों का खतरा रहता है, इसलिए हस्की को प्राकृतिक आहार दिया जाता है. इसके भोजन में मटन एंड राइस, चिकन एंड राइस जैसी चीजें शामिल रहती हैं. इससे उसका स्वास्थ्य बेहतर रहता है और ऊर्जा भी बनी रहती है.
हर महीने 7 हजार रुपये तक खर्च
आगे कहा कि इस साइबेरियन हस्की की सही देखभाल में अच्छा खर्च आता है. इसके खानपान और सुविधा पर हर महीने करीब 7 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं. इसमें सभी तरह के भोजन, खानपान और देखभाल शामिल है. गर्मी के दिनों में यह थोड़ा सुस्त भी पड़ जाता है.
दिखने में भेड़िए जैसा अंदाज
साइबेरियन हस्की की बनावट और रंगत कई बार भेड़िए जैसी लगती है. इसकी हाउलिंग आवाज और एक्टिव स्वभाव लोगों को आकर्षित करता है. कई लोग पहली नजर में इसे वुल्फ समझ बैठते हैं. ठंडे प्रदेशों की नस्ल को गर्म इलाके में पालना तभी सही है, जब उसकी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाए. सही वातावरण, पोषण और देखभाल मिलने पर हस्की गर्म क्षेत्र में भी स्वस्थ रह सकता है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें