रांची: झारखंड की राजधानी रांची की दुलारी, जो मूल रूप से राजस्थान की निवासी हैं. अब वह रांची के एक गांव में रहती हैं. उन्होंने वंदना सहायता समूह से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार किया है. जहां समूह से जुड़ने के बाद, उन्होंने हैंड वॉश, डिजाइनर साबुन, शैंपू और हर्बल फेस वॉश जैसे उत्पाद बनाना शुरू की. आज उनकी मासिक आय 40,000 रुपये तक पहुंच गई है, जो उनके लिए कभी एक सपना था. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में.
जानें दुलारी का सफर
दुलारी ने बताया कि एक समय था, जब उनके पास एक रुपये भी नहीं था. वहीं, वंदना सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें सरकार से प्रशिक्षण मिला, जिससे वह 20 से 25 तरह के उत्पाद बनाने में सक्षम हुईं. उन्होंने कहा कि पहले वह घूंघट में घर से बाहर नहीं निकलती थीं और हर छोटी चीज के लिए सोचना पड़ता था, लेकिन अब उनके पास कौशल है और वह आत्मनिर्भर हैं.
जानें उत्पादों की विविधता
दुलारी और उनका समूह कई तरह के उत्पाद बनाता है, जिनमें विभिन्न प्रकार के मसाले, मिक्सचर और नमकीन शामिल हैं. इसके अलावा वह हर्बल शैंपू, साबुन और हेयर ऑयल भी बनाती हैं. उनके डिजाइनर साबुनों में गुलाब और कमल के फूल जैसे आकार शामिल हैं. ये सभी उत्पाद घरों में ही तैयार किए जाते हैं.
जानें बिक्री और विस्तार
दुलारी के अनुसार, वह अपने उत्पादों को इंडियामार्ट जैसे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर बेचती हैं, जहां से उन्हें अच्छे ऑर्डर मिलते हैं. उन्हें सरकारी ऑर्डर भी प्राप्त होते हैं. सरकार द्वारा आयोजित मेलों में उन्हें मुफ्त स्टॉल मिलते हैं, जहां वह अपने उत्पादों की बिक्री करती हैं. आज उन्हें पटना से लेकर उत्तर प्रदेश तक से ऑर्डर आते हैं.
महिलाओं का हो रहा है सशक्तिकरण
दुलारी ने बताया कि उनके साथ चार अन्य महिलाएं भी जुड़ी हुई हैं, जिनकी जिंदगी भी बदल रही है. वे सभी मिलकर काम करती हैं. वह जहां भी जाती हैं, साथ जाती हैं. उन्होंने कहा कि पहले वह घर से बाहर नहीं निकलती थीं, लेकिन अब वह दिल्ली से लेकर मुंबई तक की दुनिया देख रही हैं, अपने पैरों पर खड़ी हैं और अपने घर चला रही हैं.