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पीएम मोदी के पिता के खिलाफ खरगे की टिप्पणी पर सियासी संग्राम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर सोमवार को राजधानी में सियासी संग्राम छिड़ा रहा। रांची महानगर, रांची पूर्वी व पश्चिमी जिला भाजपा के संयुक्त तत्वावधान में पार्टी ने प्रदर्शन किया। भाजपा के नेता और कार्यकर्ता जिला स्कूल परिसर में एकत्र हुए और प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने निकले। जैसे ही वे कांग्रेस कार्यालय के पास पहुंचे, पहले से मुस्तैद भारी संख्या में पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। बैरिकेडिंग के दोनों ओर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता शक्ति प्रदर्शन करते रहे। दोनों ओर से नारेबाजी होती रही। दोनों पक्षों के बीच गहमागहमी और नोकझोंक से माहौल गरमा गया। हालांकि पुलिस ने दोनों पक्षों को एक-दूसरे के करीब नहीं आने दिया। करीब दो घंटे तक यहां नारेबाजी के बाद भाजपा कार्यकर्ता लौट आए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे गलत भाषा बोल रहे हैं। कांग्रेस अब राजनीतिक दल के बजाय माफिया गैंग बन गया है। कांग्रेस पर वैचारिक दिवालियापन हावी हो चुका है। देश की जनता इस तरह की अशोभनीय राजनीति को करीब से देख रही है। समय आने पर जनता इसका जवाब देगी। भाजपा नेताओं ने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत मर्यादा और सम्मान से समझौता स्वीकार नहीं है। पीएम मोदी के दिवंगत पिता के प्रति की गई टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा और सार्वजनिक जीवन की गरिमा से जुड़ा है। कांग्रेस लगातार मर्यादा का उल्लंघन करती रही है। उन्होंने कहा कि खरगे इसके लिए माफी मांगे। बैरिकेडिंग के पास डटे थे कांग्रेसी, कहा-हम डरने वाले नहीं प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के नेता-कार्यकर्ता लाठियां लेकर बैरिकेडिंग के पास जमा थे। उन्होंने कहा कि वे डरने वाले नहीं हैं। प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री से जुड़े ‘50 करोड़ की गर्लफ्रेंड’ और ‘कांग्रेस की विधवा’ जैसे बयानों को लेकर सवाल उठाना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है। पीएम के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना राजनीतिक साहस और विपक्ष का सवाल उठाना अपराध, यह दोहरा मापदंड कब तक चलेगा। भाजपा को बताना चाहिए कि जब विपक्ष के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल होता है, तब उसकी नैतिकता कहां सो जाती है। कांग्रेस उसी भाषा पर सवाल उठाती है तो भाजपा को मिर्ची क्यों लगती है। कांग्रेस की टिप्पणी अशोभनीय, यह हताशा का प्रतीक : बाबूलाल नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खरगे की टिप्पणी अशोभनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रधानमंत्री की नीतियों की आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन उनके दिवंगत पिता को घसीटना और उनपर इस तरह की अशोभनीय टिप्पणी करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। कांग्रेस की इस हरकत से पूरे देश में आक्रोश है। इसके पहले भी प्रधानमंत्री की मां को लेकर अशोभनीय टिप्पणी की गई थी। दरअसल कांग्रेस 12 साल से केंद्र और कई राज्यों में सत्ता से बाहर है। यह कांग्रेस की इसी हताशा-निराशा का प्रतीक है।
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