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केतार ब्लॉक में नेटवर्क की समस्या इंटरनेट तो दूर बात करना मुश्किल



भास्कर न्यूज | केतार प्रखंड और अंचल कार्यालय में नेटवर्क की बदहाली से सरकारी कामकाज की रफ्तार धीमी पड़ गई है। इंटरनेट के साथ मोबाइल पर बात करना भी मुश्किल है। जियो और एयरटेल का नेटवर्क कमजोर रहने से ऑपरेटरों को ऑनलाइन काम के लिए निजी मोबाइल का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे मिनटों में होने वाले काम में घंटों लग रहे हैं। वहीं, भारतनेट परियोजना के तहत भवनाथपुर से केतार तक करीब 20 किलोमीटर फाइबर केबल बिछाने और उपकरण लगाने के बावजूद समस्या बनी हुई है। निजी मोबाइल के भरोसे ऑनलाइन काम: प्रखंड और अंचल कार्यालय में कई सरकारी सेवाएं ऑनलाइन संचालित होती हैं। नेटवर्क कमजोर रहने से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में बार-बार परेशानी आती है। ऑपरेटरों को निजी मोबाइल से इंटरनेट चलाकर काम करना पड़ता है। कनेक्शन बाधित होने पर काम बीच में अटक जाता है और उसे पूरा करने के लिए दोबारा प्रयास करना पड़ता है। इससे जरूरी कार्यों के निष्पादन में देरी होती है। कार्यालय में आने वाले लोगों को भी अपने काम के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।कार्यालय परिसर में जियो और एयरटेल का नेटवर्क कमजोर रहने से मोबाइल पर बातचीत करना भी सहज नहीं है। कॉल लगाने और बातचीत के दौरान परेशानी होने से जरूरी सूचनाओं का आदान-प्रदान प्रभावित होता है। सरकारी कामकाज में मोबाइल और इंटरनेट दोनों की जरूरत को देखते हुए नेटवर्क की यह स्थिति कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त परेशानी बन गई है। फाइबर केबल बिछी, उपकरण भी लगा भारतनेट परियोजना के तहत वर्ष 2019-20 में भवनाथपुर से केतार प्रखंड कार्यालय तक करीब 20 किलोमीटर फाइबर केबल बिछाई गई थी। कार्यालय में लगे उपकरण पर दर्ज विवरण के अनुसार, यह एचटीएल लिमिटेड का एफडीएमएस टाइप-3बी है, जिसकी क्षमता 48 फाइबर की है। हालांकि, फाइबर केबल और उपकरण की मौजूदगी से इंटरनेट सेवा चालू होना सुनिश्चित नहीं होता। इसके लिए सक्रिय कनेक्शन और नेटवर्क की अन्य तकनीकी व्यवस्थाएं भी जरूरी हैं। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि केतार प्रखंड कार्यालय में इस फाइबर नेटवर्क का उपयोग हो रहा है या नहीं और यदि नहीं, तो इसकी वजह क्या है। नेटवर्क सुधारने की जरूरत : प्रखंड और अंचल कार्यालय में नेटवर्क की समस्या दूर करने के लिए भारतनेट कनेक्शन और संबंधित उपकरणों की तकनीकी जांच जरूरी है। साथ ही, कार्यालय परिसर में जियो और एयरटेल के कमजोर नेटवर्क की समस्या संबंधित कंपनियों तक पहुंचाकर समाधान की पहल होनी चाहिए। नेटवर्क बेहतर होने से ऑनलाइन सरकारी काम समय पर पूरे हो सकेंगे और ऑपरेटरों को निजी मोबाइल के सहारे काम नहीं करना पड़ेगा।



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