![]()
मानवता की सेवा के लिए 1979 में नोबेल शांति पुरस्कार और भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से सम्मानित संत मदर टेरेसा की 116 वीं जयंती सर कैथोलिक समुदाय ने सदर अस्पताल परिसर स्थित स्थापित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर रोमन कैथोलिक समुदाय ने उन्हें याद किया । इस अवसर पर सदर अस्पताल परिसर स्थित मदर टेरेसा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर व कैंडल जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। सर्वप्रथम सदर अस्पताल के सिविल सर्जन जुझार मांझी ने संत मदर टेरेसा की प्रतिमा के समक्ष कैंडल जलाकर एवं प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उपस्थित सभी गण मान्य लोगों द्वारा कैंडल जलाई गए एवं उनकी प्रतिमा पर हिमालय अर्पण कर श्रद्धांजलि दी गई।माल्यार्पण कार्यक्रम के बाद सदर अस्पताल में एडमिट मरीजों के बीच सिविल सर्जन की उपस्थिति में संस्था द्वारा फल का वितरण किया गया। मौके पर संस्था द्वारा उपस्थित अतिथियों, बेहतर सेवा प्रदान करने वाले चिकित्सक, नर्सेस, एवं समाज सेवियों को भी गमछा प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सिविल सर्जन जुझार मांझी ने संत मदर टेरेसा की जीवनी पर संक्षिप्त परिचय देते हुए कहा कि महान विभूति संत मदर टेरेसा ने विदेशी होते हुए भी कोलकाता में संस्था स्थापित कर चैरिटी के माध्यम से अपना सारा जीवन दीन दुखियों की सेवा में समर्पित कर दिया। ऐसा विभूति शायद ही दूसरा कोई हुआ हो। हमें भी उनका अनुसरण करना चाहिए। उनकी प्रतिमा सही जगह पर लगी है क्योंकि अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों का भी मूल भावना सेवा ही है। हम और आप एक भी दीन दुखियों के लिए सोचें, उनकी मदद करें, इससे आत्मिक शांति मिलती है। इसकी अनुभूति होना चाहिए तभी हम सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं और यही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी। मौके पर फादर अगस्टीन कुल्लू, फादर यूजिन एक्का, किशोर तमसोय, निशित दास, बृजमोहन तामसोय, राकेश तिग्गा, दीपक भेंगरा, ब्रदर अनिल, राजाराम गुप्ता,अतिथियों में सिविल सर्जन जुझार माझी, उपाधीक्षक डॉक्टर शिवचरण हसदा, डॉक्टर प्रवीण मिंज, डॉक्टर शिवलाल कुंकल, डॉक्टर सुसेन सुसन टोपनो, डॉक्टर निशा, वरिष्ठ नर्स शिल्वी, एंथोनी टोप्पो शामिल थीं।
Source link