सरायकेला प्रखंड संसाधन केंद्र के अंतर्गत संचालित विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना की पारदर्शिता और व्यवस्था में सुधार को लेकर अंकेक्षण अभियान पूरा कर लिया गया है। प्रखंड के 149 विद्यालयों में एमडीएम से संबंधित अंकेक्षण किया गया। सात विद्यालयों में सामाजिक अंकेक्षण भी किया गया। प्रखंड स्तर पर अंकेक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। जिला स्तर पर भी अंकेक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। अंकेक्षण के दौरान एमडीएम से जुड़ी विभिन्न विसंगतियों की समीक्षा की गई। उन्हें दूर करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की गई। प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी दिनेश कुमार दंडपात ने बताया कि अंकेक्षण कार्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी कर्मियों के सहयोग से सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी अंकेक्षण अभियान को गंभीरता से संचालित किया गया। विद्यालयों में एमडीएम व्यवस्था से संबंधित बिंदुओं की निष्पक्ष, दोषरहित जांच की गई। सामाजिक अंकेक्षण के बाद प्रखंड स्तर पर जनसुनवाई की प्रक्रिया भी आयोजित की जानी है। जिला स्तर से जारी आदेश के अनुसार सामाजिक अंकेक्षण के बाद प्रखंड स्तरीय जनसुनवाई के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। कुचाई के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (जेईपी) अलका लकड़ा, कुकड़ू के लिए सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी (जेईपी) प्रमोद जायसवाल, राजनगर के लिए सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी (जेईपी) जॉन मुंडू तथा नीमडीह सहित अन्य प्रखंडों के लिए सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी (जेईपी) रघुवर तिवारी को जिम्मेदारी दी गई है। अंकेक्षण के दौरान विद्यालयों में एमडीएम संचालन, अभिलेखों, योजना से संबंधित व्यवस्थाओं तथा सामाजिक स्तर पर इसकी स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ जनसुनवाई में उपस्थित रहकर अंकेक्षण से जुड़े मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
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