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Sunita Ahuja Tibet flash flood PM Modi Appeal: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं सुनीता आहूजा तिब्बत के न्यालम में भीषण बाढ़ और भूकंप के बाद फंस गई हैं. सांस लेने में तकलीफ और खाने-पीने के संकट के बीच उन्होंने वीडियो जारी कर पीएम मोदी से मदद मांगी है. सुनीता ने भारत सरकार से अपील की है कि वह चीन से कूटनीतिक बात कर फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने या घर लौटने के लिए एग्जिट परमिट दिलाने की व्यवस्था करे.
महिला ने अपना दर्द बयां किया.
नई दिल्ली. चीन-नेपाल बॉर्डर के पास तिब्बत में आए जलजले के बाद जिंदगी और मौत के बीच जंग चल रही है. कैलाश मानसरोवर की पावन यात्रा पर निकलीं भारतीय श्रद्धालु सुनीता आहूजा ने तिब्बत के न्यालम काउंटी स्थित जियांगडाकांग होटल से एक दिल दहला देने वाला वीडियो संदेश जारी किया है. सांस लेने की तकलीफ और गिरती सेहत के बीच सुनीता ने सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है. उन्होंने कहा, “मोदी जी, हम अपने देश से बहुत दूर फंसे हैं, प्लीज चीन सरकार से बात करके हमें यहां से रेस्क्यू कराइए.”
भूकंप, हिमस्खलन और भीषण बाढ़…
चीन-नेपाल सीमा के पास तिब्बत इलाके में अचानक आए भूकंप और हिमस्खलन (Avalanche) के बाद भीषण बाढ़ आ गई है. इस प्राकृतिक आपदा में कई स्थानीय लोगों की जान जा चुकी है और कई भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं. इसी तबाही के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए दर्जनों भारतीय श्रद्धालु फंस गए हैं.
होटल में कैद हुए मुसाफिर
सुनीता अपने पति दीपक आहूजा के साथ यात्रा पर निकली थीं. तीन दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर वह पहाड़ से नीचे किरोगआ गई थीं. लेकिन इसके तुरंत बाद आई बाढ़ ने नीचे जाने के सारे रास्ते बंद कर दिए.
• सांस लेने में दिक्कत: अधिक ऊंचाई और खराब मौसम के कारण सुनीता को सांस लेने में भारी परेशानी हो रही है.
• खाने-पीने का संकट: होटल में राशन और साफ पानी का स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है.
• कोई एग्जिट परमिट नहीं: चीनी प्रशासन से आगे जाने या भारत लौटने की कोई क्लीयरेंस (परमिशन) नहीं मिल रही है.
ना कोई रास्ता, ना जानकारी…
होटल जियांगडाकांग में फंसे यात्रियों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन की तरफ से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिल रहे हैं. फंसे हुए लोगों को यह तक नहीं पता कि आगे किस रास्ते से निकलना है. ऊपर से और यात्रियों के वहां पहुंचने की खबर है, जिससे स्थिति और विकट हो सकती है.
“रेस्क्यू नहीं तो कम से कम परमिशन दिला दो”
सुनीता आहूजा ने भावुक होकर भारत सरकार से दखल देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर तुरंत एयरलिफ्ट या रेस्क्यू मुमकिन नहीं है तो कम से कम डिप्लोमैटिक चैनल से बात करके चीन सरकार से एग्जिट परमिट (बाहर निकलने की इजाजत) दिलवाई जाए, ताकि फंसे हुए भारतीय नागरिक अपने दम पर भी सीमा पार कर स्वदेश लौट सकें.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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