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जेएसएससी सीजीएल परीक्षा-2023 को संचालित कराने में शामिल दो आरोपियों सोमांश प्रकाश व राहुल कुमार को सीआईडी ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। सीआईडी की टीम दोनों को लेकर रांची पहुंची। यहां सीआईडी की विशेष कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया। ये दोनों परीक्षा एजेंसी वेबेल टेक्नोलॉजी से जुड़े नहीं हैं, बल्कि एजेंसी ने इन्हें परीक्षा संचालन से जुड़ा काम दिया था। गिरफ्तार दोनों आरोपी मूल रूप से बिहार के हैं। सोमांश प्रकाश रोहताश जिले के असकामिनी नगर का है और फिलहाल दिल्ली में बुराड़ी के संत नगर बरारी में रहता है। वहीं राहुल कुमार मूल रूप से वैशाली जिले के चांदसराय का निवासी है। वह दिल्ली में सोमांश के साथ ही रहता है। गौरतलब है कि यह परीक्षा 21 व 22 सितंबर 2024 को हुई थी। इसमें कथित पेपर लीक मामले में एक जनवरी 2025 को सीआईडी थाने में कांड संख्या 01/2025 दर्ज की गई थी। इसके साथ ही सीआईडी ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी थी। सीआईडी ने इस मामले में इससे पहले मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार किया था। दोनों अभी जेल में हैं। एजेंसी संचालकों और सहयोगियों के ट्रांजेक्शन की चल रही जांच सीआईडी ने जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षाओं के संचालन से जुड़ी तीन एजेंसियों की जांच तेज कर दी है। इनमें जेपीएससी से जुड़ी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. व बिंसिस टेक्नोलॉजी प्रा. लि. और जेएसएससी की परीक्षा एजेंसी वेबेल टेक्नोलॉजी प्रा. लि. शामिल हैं। इनमें से दो एजेंसी के संचालकों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं वेबेल के संचालक मिथिलेश सिंह व उनके सहयोगियों की सीआईडी तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों ने परीक्षा पास कराने के लिए लेनदेन की बात स्वीकार की है। अब सीआईडी एजेंसियों के संचालकों और सहयोगियों के बीच वित्तीय लेनदेन को खंगाल रही है। जल्दी ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारी हो सकती है।
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