ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की भद्द पिट चुकी थी. उसकी कमर टूट चुकी थी. एयरबेस से लेकर सैन्य ठिकाने तक तबाह हो गए थे. आतंकियों की तो लाशें बिछ चुकी थीं. आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ भारत से सीजफायर वाली रहम की भीख मांग रहे थे. भारत के एस-400 एयर डिफेंस सिस्मट और ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तान को बुरी तरह मारा. इससे पाकिस्तान खौफजदा था. यही कारण है कि उसने भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम का पता लगाने के लिए हर संभव कोशिश की थी. पाकिस्तान ने भारत के अंदर जासूसों को सक्रिय करने के साथ-साथ स्लीपर सेल का भी इस्तेमाल किया था. एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने इसका खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि युद्ध में सिर्फ आधुनिक हथियार होना ही काफी नहीं है, बल्कि उनका सही तरीके से इस्तेमाल करना भी उतना ही अहम है.
दरअसल, भारत में एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को सुदर्शन चक्र कहा जाता है. यह S-400 ‘सुदर्शन’ रूस में बना एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है. अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमला हुआ था. इस हमले का बदला लेने के लिए भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम से मिलिट्री ऑपरेशन की शुरुआत की थी. इस दौरान पाकिस्तान से मिसाइल के खतरों का मुकाबला करने में इस एस-400 ने बहुत अहम भूमिका निभाई थी.
एयर मार्शल ने पाकिस्तान की ‘बेताब’ हरकतों का खुलासा किया
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने समाचार एजेंसी ANI को दिए पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी S-400 का पता लगाने के लिए बेताब थे और उन्होंने इसे ढूंढने के लिए हर तरह की चाल चली.’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने S-400 की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी. पाकिस्तान ने S-400 की लोकेशन पता करने के लिए एयर इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर यानी EW सिस्टम का इस्तेमाल किया. इसके अलावा भारत के अंदर मौजूद जासूसों को भी सक्रिय किया गया.
एयर मार्शल ने आगे कहा, ‘उनके लिए वह (S-400) सबसे बड़ा खतरा था… उन्होंने S-400 को खोजने के लिए जासूस तैनात किए और हमारे देश के अंदर स्लीपर सेल एक्टिवेट किए.’ एयर मार्शल ने यह भी कहा, ‘मुझे यकीन है कि उन्हें दूसरे देशों से सैटेलाइट से भी मदद मिल रही थी.’ हालांकि, उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया.
एयर मार्शल ने पाकिस्तान का मजाक भी उड़ाया कि उसने बिना किसी ठोस योजना के आदमपुर एयरबेस को निशाना बनाया. उसने केवल अंदाजे से ऐसा किया. उसे लगा कि S-400 वहां हो सकता है. 9 और 10 मई की दरम्यानी रात पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के कई ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी. इनमें आदमपुर के अलावा पठानकोट, भटिंडा और उधमपुर जैसे एयरबेस भी शामिल थे.
क्या है S-400 और कैसे करता है काम?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की मिसाइलों को रोकने में S-400 ने अहम भूमिका निभाई. S-400 को भारत की हवाई सुरक्षा का बेहद अहम हिस्सा माना जाता है. यह सिस्टम दुश्मन के विमान, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल जैसे हवाई खतरों का पता लगाकर उन्हें रास्ते में ही नष्ट कर सकता है. S-400 सिस्टम के मुख्य रूप से तीन अहम हिस्से होते हैं. इनमें मिसाइल लॉन्चर, शक्तिशाली रडार और कमांड सेंटर शामिल हैं. रडार दुश्मन के हवाई खतरे का पता लगाता है, जबकि कमांड सेंटर तय करता है कि किस खतरे को कैसे और किस मिसाइल से निशाना बनाया जाए. इनकी मदद से यह एयरक्राफ्ट से लेकर मिसाइल तक कई खतरों को निशाना बना सकता है.
क्या है खासियत
इस सिस्टम की खासियत यह है कि यह काफी दूर से आने वाले खतरों को भी निशाना बना सकता है. यह एक साथ कई लक्ष्यों पर नजर रख सकता है और अलग-अलग ऊंचाई तथा दूरी पर मौजूद टारगेट को नष्ट करने में सक्षम है. यह एक साथ कई टारगेट को निशाना बना सकता है, जिनमें अलग-अलग दूरी और ऊंचाई पर मौजूद एयरक्राफ्ट, क्रूज़ मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल हैं.
इस साल मार्च में मिली जानकारी के मुताबिक, पांचवां S-400 सिस्टम इस साल नवंबर में भारत भेजे जाने की उम्मीद है. भारत ने पांच और S-400 सिस्टम खरीदने को मंज़ूरी दे दी है. इनकी रेंज 400 किलोमीटर तक है और ये पाकिस्तान में सिंधु नदी के पूर्व में मौजूद किसी भी हवाई टारगेट को नष्ट करने में सक्षम हैं.