प्रखंड मुख्यालय में ईद-ए-मिलादुन्नबी पर जुलूस निकाला गया। जुलूस सुबह करीब आठ बजे जामा मस्जिद से सलात-ओ-सलाम के साथ शुरू हुआ और अम्वांटोली शहीद चौक, गुरगुटोली, पोस्ट ऑफिस रोड, शास्त्री चौक, गांधी चौक, डिपाटोली और बिरसा मुंडा चौक होते हुए फुलवार बगीचा (आजाद बस्ती) पहुंचा। इसके बाद जुलूस पुनः बिरसा मुंडा चौक होते हुए जामा मस्जिद के समीप पहुंचा। इस मौके पर जामा मस्जिद के इमाम मौलाना रेयाज रिजवी, गौसिया मस्जिद के मोहतमिम, मौलाना मुश्ताक समेत अन्य उलेमाओं ने कहा कि हजरत मोहम्मद के पैगाम ने समाज में इंसानियत, समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत किया। उन्होंने लोगों से पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। मौलाना मुश्ताक ने कहा कि हजरत मोहम्मद की शिक्षाओं ने समाज में महिलाओं, बच्चियों और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा का संदेश दिया। उन्होंने ऊंच-नीच के भेदभाव को खत्म कर इंसानियत और बराबरी का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि हमें उनकी जीवनी से सीख लेकर उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए। ईद-ए-मिलादुन्नबी को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिदों, घरों और गली-मोहल्लों को आकर्षक रोशनी, झंडियों और परचम से सजाया था।
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