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कोडरमा में पुलिस ने पशुओं की तस्करी की आशंका में 6 ट्रकों को पकड़ा है। इन ट्रकों में कुल 48 पशु लदे हुए थे। पुलिस ने मौके से 5 चालकों को हिरासत में लिया है। जबकि एक चालक पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। सभी ट्रक पश्चिम बंगाल की ओर जा रहे थे। यह कार्रवाई तिलैया थाना क्षेत्र के सुभाष चौक पर की गई। कोडरमा एसपी कुमार शिवाशीष को सूचना मिली थी कि कुछ बड़े वाहनों में पशुओं को लोड कर कोडरमा के रास्ते पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा है। सूचना में पशुओं को ले जाने वाले वाहनों की गतिविधियों का भी जिक्र था। इसके बाद एसपी ने संबंधित थाना पुलिस को जांच और कार्रवाई का निर्देश दिया। निर्देश मिलते ही तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुभाष चौक पर जांच अभियान शुरू किया। इस दौरान संदिग्ध ट्रकों को रोककर उनकी तलाशी ली गई। जांच में सभी छह ट्रकों में पशु लदे मिले। इसके बाद पुलिस ने ट्रकों को जब्त कर लिया और चालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। बिहार के काराकाट से लोड किए गए थे पशु पुलिस की पूछताछ में चालकों ने बताया कि सभी पशुओं को बिहार के काराकाट से ट्रकों में लोड किया गया था। इसके बाद उन्हें कोडरमा के रास्ते पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था। हालांकि, पशुओं को किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि पशुओं के परिवहन के लिए जरूरी अनुमति और दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं। हिरासत में लिए गए पांचों चालकों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनके बयान और उपलब्ध कागजात का मिलान कर रही है। फरार चालक की तलाश भी की जा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि सभी ट्रकों का संचालन एक ही नेटवर्क के जरिए किया जा रहा था या इनके संचालक अलग-अलग हैं। पशुओं को किसे सौंपा जाना था और पश्चिम बंगाल में इन्हें कहां ले जाया जा रहा था, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। गौशाला में रखे गए सभी 48 पशु, कागजात की जांच जारी पुलिस ने जब्त किए गए सभी 48 पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए झुमरीतिलैया की गौशाला में भेज दिया है। फिलहाल पशुओं की देखरेख गौशाला में की जा रही है। वहीं, छहों ट्रकों को पुलिस ने अपने कब्जे में रखा है। पुलिस का कहना है कि पशुओं से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसमें परिवहन अनुमति, पशुओं के स्वामित्व और उन्हें ले जाने के उद्देश्य से जुड़े कागजात शामिल हैं। जांच में यदि नियमों का उल्लंघन या अवैध परिवहन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता पशुओं के परिवहन से जुड़े पूरे मामले की जानकारी जुटाना है। साथ ही फरार चालक को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। चालकों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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