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19 साल बाद कोलकाता लौटीं बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन के सम्मान समारोह में उस समय हंगामा मच गया, जब उन्होंने मशहूर बांग्ला कवि जॉय गोस्वामी को मंच पर बुलाया. दर्शकों के एक वर्ग ने जोरदार विरोध किया और गोस्वामी को वापस अपनी सीट पर लौटना पड़ा.
तसलीमा नसरीन ने जॉय गोस्वामी को मंच पर बुलाया तो सभा में हंगामा मच गया.
करीब दो दशक बाद कोलकाता लौटीं बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन की ‘घर वापसी’ का जश्न उस समय विवाद में बदल गया, जब उन्होंने मंच से मशहूर बांग्ला कवि जॉय गोस्वामी को अपने साथ आने का न्योता दिया. जैसे ही साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित कवि अपनी सीट से उठकर मंच की ओर बढ़े, सभागार में बैठे लोगों के एक वर्ग ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया. देखते ही देखते पूरा हॉल शोर, नारों और हूटिंग से गूंज उठा.
अचानक पैदा हुए इस माहौल से कुछ पल के लिए तसलीमा नसरीन भी हैरान रह गईं. वह बिना कुछ बोले मंच पर खड़ी रहीं, जबकि आयोजक लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते रहे. कई मिनट तक चले हंगामे के बाद तसलीमा ने खुद माइक संभाला और दर्शकों से कहा, ‘क्या मैं बोल सकती हूं? कृपया शांत हो जाइए और अपनी-अपनी सीट पर बैठ जाइए.’ उनकी इस अपील के बाद धीरे-धीरे माहौल शांत हुआ और कार्यक्रम आगे बढ़ सका.
STORY | Audience protests as Taslima invites poet Joy Goswami on stage; brief disruption halts speech
A brief commotion broke out at an auditorium here on Saturday after exiled Bangladeshi author Taslima Nasreen invited noted Bengali poet Joy Goswami to join her on stage,… pic.twitter.com/h4uAxTd6MG