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क्लिनिक में डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की मौत पर जांच का...




भास्कर न्यूज | गढ़वा उपायुक्त अनन्य मित्तल ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया। जनसुनवाई में पहुंचे फरियादियों की समस्याएं बारी-बारी से सुनी और उसके निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया। जनसुनवाई में राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन, बकाया मजदूरी भुगतान समेत 50 आवेदन प्राप्त हुआ। जनसुनवाई में मेराल प्रखंड के दीपक प्रसाद गुप्ता ने उपायुक्त को आवेदन देकर एमजीएम अस्पताल द्वारा लापरवाही बरतने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि अस्पताल के लापरवाही के कारण उनके नवजात शिशु की मृत्यु हो गई। उन्होंने अपने नवजात शिशु के इलाज में अस्पताल प्रबंधन द्वारा घोर लापरवाही बरतने की बात कही। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती करने के ठीक पहले उसी दिन अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में जच्चा एवं बच्चा दोनों स्वस्थ थे। अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा उन्हें भ्रमित किया गया और बोला गया कि बच्चे की स्थिति ठीक नहीं है उसे वेंटिलेटर पर रखने की आवश्यकता है। विरोध करने पर दुर्व्यवहार किया गया व धमकी दी गई। दीपक प्रसाद गुप्ता मामले का निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों पर कार्रवाई का अनुरोध किया है। बंधक रखे आभूषण नहीं लौटाने की शिकायत रंका प्रखंड के तमगे गांव निवासी दुर्गा देवी ने बंधक रखे गए आभूषण को वापस नहीं करने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि उनके पति घनश्याम विश्वकर्मा ने हसनारायण सोनी के यहां कुछ आवश्यक कार्य से आभूषण बंधक रखकर पैसे लिए थे। परंतु अब पैसे देकर आभूषण वापस मांगने पर उक्त व्यक्ति द्वारा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने संबंधित थाने में भी आवेदन दिया परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी प्रकार जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए अन्य लोगों ने भी अपनी-अपनी समस्याओं को बारी-बारी से उपायुक्त के समक्ष रखा। मौके पर जन शिकायत कोषांग के नोडल पदाधिकारी पंकज कुमार गिरि आदि उपस्थित थे। सदर प्रखंड के नारायणपुर गांव निवासी तेजन चौधरी ने आवेदन देकर एनएच-75 सड़क चौड़ीकरण में अधिगृहित किए गए भूमि के मुआवजा का भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत की गई। उन्होंने बताया कि सड़क चौड़ीकरण में कुल 20 डिसमिल भूमि का अधिग्रहण किया गया था, जिसके सभी आवश्यक कागजात जिला भू-अर्जन कार्यालय में प्रक्रिया के लिए जमा कर दी गई है परंतु दो सालों बाद तक अधिग्रहित किए गए भूमि का मुआवजा लंबित है। उन्होंने मुआवजा भुगतान की राशि दिलाने का अनुरोध किया है। सदर प्रखंड के ही जाटा गांव निवासी अक्षय कुमार व प्रमोद कुमार मेहता ने किसान आईडी होने के बावजूद भी जाटा पैक्स द्वारा धान नहीं लेने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि उक्त पैक्स में धान जमा करने के कई बार प्रयास किए गए परंतु न धान लिया गया और न ही धान लेने के लिए किसी प्रकार का मैसेज किया गया। उन्होंने उपायुक्त से उक्त समस्या का समाधान का अनुरोध किया है।



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