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केंद्र राज्यों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करे केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में रविवार को प्रदेश राजद कार्यालय में महागठबंधन ने प्रेस वार्ता कर इसे राज्यों के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों पर हमला बताया। प्रदेश युवा राजद के अध्यक्ष रंजन यादव ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय संविधान पीठ के फैसले ने राज्यों के खनिज संबंधी अधिकारों को स्पष्ट किया है। लेकिन नए बिल से राज्यों के अधिकारों को सीमित करने का प्रयास िकया गया है। भाकपा माले नेता शुभेंदु सेन ने कहा कि यह केवल झारखंड का नहीं, बल्कि पूरे देश के संघीय ढांचे की रक्षा का सवाल है। प्राकृतिक संसाधनों पर राज्यों के अधिकार को कमजोर करना संविधान की मूल भावना के विपरीत है। सीपीआई नेता अजय कुमार ने कहा कि 22 अगस्त को इंडिया गठबंधन की बैठक होगी, जिसमें विधेयक के खिलाफ आगे की रणनीति तय की जाएगी। भाकपा माले नेता अनंत प्रसाद गुप्ता ने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व का उपयोग गरीबों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के हित में होना चाहिए। राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगे महागंठन के नेता महागठबंधन के नेताओं ने निर्णय लिया कि राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर खान संशोधन विधेयक को रद्द करने की मांग की जाएगी। खनिज झारखंड की जनता की संपदा है और राज्य के संवैधानिक अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मौके पर राजद प्रदेश महासचिव मनोज पांडेय, क्षितिज मिश्रा, मंतोष यादव, किरण कुमारी, धर्मेंद्र महतो, अभिराज राय, रामकुमार यादव मौजूद थे।
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