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पलामू जिला तीरंदाजी संघ खिलाड़ियों के लिए सुनहरा अवसर लाया है. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर फ्री बेसिक आर्चरी ट्रेनिंग कैंप शुरू हो रहा है. यह कैंप 23 से 26 जून 2026 तक चलेगा. इसमें युवाओं को तीरंदाजी के मूल सिद्धांत और तकनीक सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है.
पलामूः पलामू के खिलाड़ी कई क्षेत्रों में अपना नाम रौशन कर चुके है. वहीं अब ओलंपिक तक ले जाने को लेकर खिलाड़ियों को खुला मंच दिया जा रहा है. जहां की आर्चरी (तीरंदाजी) एक ऐसा खेल है जिसने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है और यह ओलंपिक खेलों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस क्षेत्र में खिलाड़ियों को आर्चरी में भी मेडल लाने को लेकर प्रयास शुरू किया जा रहा है. इस खेल के प्रति युवाओं को जागरूक करने और नई प्रतिभाओं को आगे लाने के उद्देश्य से पलामू जिला तीरंदाजी संघ द्वारा अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर विशेष तीरंदाजी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. जिसका उद्देश है कि जिले के बच्चों और युवाओं को आर्चरी के प्रति आकर्षित करना तथा उन्हें खेल की बुनियादी जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है.
23 से 26 जून तक ट्रेनिंग कैंप
दरअसल, पलामू जिला तीरंदाजी संघ के नेतृत्व में 23 जून 2026 से 26 जून 2026 तक चार दिवसीय बेसिक आर्चरी ट्रेनिंग कैंप आयोजित किया जाएगा. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में खिलाड़ियों को तीरंदाजी की प्रारंभिक तकनीक, उपकरणों की जानकारी, लक्ष्य साधने की कला, सुरक्षा नियमों और खेल के मूल सिद्धांतों की जानकारी दी जाएगी. सबसे खास बात यह है कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क होगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी इसका लाभ उठा सकेंगे. यहां खिलाड़ियों की तीरंदाजी से जुड़ा बेसिक प्रशिक्षण को लेकर प्रशिक्षण दिया जाएगा.
संघ के पदाधिकारी सुमित वर्मन ने बताया कि पलामू में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन और अवसर की है. यह प्रशिक्षण शिविर युवाओं को न केवल एक नए खेल से परिचित कराएगा, बल्कि उनके भीतर अनुशासन, एकाग्रता और आत्मविश्वास भी विकसित करेगा. आर्चरी ऐसा खेल है जिसमें धैर्य और फोकस सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और यही गुण खिलाड़ियों को जीवन में भी आगे बढ़ने में मदद करते हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चार दिवसीय 23 जून से 26 जून तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से 6 बजे तक आयोजित होगा. इसमें जिले के इच्छुक खिलाड़ी, छात्र-छात्राएं और खेल प्रेमी भाग ले सकते हैं. संघ की ओर से अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें. जहां की उन्हें पूरी तरह बो को तैयार करना और एरो को फिट करके निशाना लगाना समेत सभी तरह की बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.