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गढ़वा जिले के खरौंधी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्राओं के बीमार पड़ने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को जहां 100 से ज्यादा छात्राएं बीमार पड़ गईं थी, वहीं शनिवार को भी आठ और छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। सुबह विद्यालय की आठ छात्राओं को अचानक उल्टी, सिर चकराने और बेहोशी की शिकायत हुई। स्थिति बिगड़ने पर विद्यालय प्रशासन ने सभी छात्राओं को तत्काल भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। अभिभावकों ने किया जमकर हंगामा
इधर, बीमार छात्राओं की लगातार बढ़ रही संख्या से आक्रोशित अभिभावकों विशेष कर उनकी माताएं शनिवार दोपहर स्कूल पहुंचीं और ग्रिल तोड़कर अंदर दाखिल हो गए। स्कूल में जमकर हंगामा किया। वहीं, गढ़वा डीसी ने स्कूल के कई कर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया है। पुलिस को करना पड़ा तैनात
हंगामे से स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस को मामले की सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और पहले तो आक्रोशित महिलाओं को समझाया। वहीं, स्कूल के खिलाफ मिली शिकायतों के मद्देनजर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। डीसी ने जान छात्राओं का हालचाल
गढ़वा डीसी पीएन मिश्रा ने जांच पूरी होने तक एहतियातन स्कूल के एक कर्मी को छोड़कर वार्डन, लेखापाल, गार्ड, रसोइया सहित अन्य संबंधित कर्मियों को कार्यमुक्त करने का आदेश दिया गया है। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही डीसी एवं सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कैनेडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने छात्राओं का हालचाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। डीसी ने बताया कि सभी छात्राओं की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है और उनका इलाज जारी है। शुक्रवार से शुरू हुआ तबीयत खराब होने का सिलसिला
दरअसल, यह घटना शुक्रवार देर शाम शुरू हुई, जब खरौंधी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की सौ से ज्यादा छात्राएं दूषित भोजन और टंकी का गर्म पानी पीने के बाद बीमार पड़ गईं। इसके बाद स्कूल प्रशासन द्वारा आनन फानन में उन्हें भवनाथपुर सामुदायिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद छात्राओं की सेहत में हुए सुधार के बाद वे अपने-अपने घर लौट गईं। सभी छात्राएं खतरे से बाहर: डीसी डीसी पीएन मिश्रा ने बताया कि खरौंदी स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं की सेहत खराब की सूचना मिलते ही राहत कार्यों की निगरानी के लिए तुरंत एसडीएम और अन्य अधिकारियों को भेज दिया गया था। सभी बीमार छात्राओं का इलाज भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करवाया गया। कुछ छात्राएं शनिवार को फिर बीमार पड़ गईं थी और उनका भी इलाज चल रहा है। चिकित्सकों से हुई बातचीत में यह स्पष्ट हुआ कि सभी छात्राएं खतरे से बाहर हैं।
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