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गर्मी में नहीं घटेगा गाय-भैंस का दूध, रोजाना भरेगा बाल्टी! एक्सपर्ट ने...


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गर्मी में नहीं घटेगा गाय-भैंस का दूध, रोजाना भरेगा बाल्टी! जानें उपाय

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गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेट होने के कारण दुधारू पशुओं में सुस्ती और दूध उत्पादन कम होने की गंभीर समस्या देखी जाती है. इससे बचाव के लिए देवघर की पशु चिकित्सक ने एक आसान देसी फॉर्मूला बताया है, जिसके तहत पशुपालक सप्ताह में चार से पांच दिन गुड़, सेंधा नमक और खाने वाले सोडे का घोल बनाकर पशुओं को पिलाएं. यह घोल शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बनाए रखता है. जिससे पशु स्वस्थ रहते हैं और उनका दूध उत्पादन भी नहीं घटता है.

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देवघर: कहीं बारिश हो रही है तो कहीं भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है. बढ़ते तापमान का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि दुधारू पशुओं पर भी साफ दिखाई देता है. गर्मी बढ़ते ही कई गाय और भैंसों का दूध कम होने लगता है.पशु सुस्त हो जाते हैं, चारा कम खाते हैं और शरीर में पानी की कमी होने लगती है. इसका सीधा नुकसान पशुपालकों को उठाना पड़ता है, क्योंकि दूध उत्पादन घटने से उनकी आमदनी भी प्रभावित होती है.ऐसे मौसम में दुधारू पशुओं की विशेष देखभाल बेहद जरूरी हो जाती है. कैसे देखभाल करें क्या कुछ घरेलू नुस्खा अपना सकते हैं जानिए देवघर के पशु चिकित्सक से…

क्या कहती हैं देवघर की पशु चिकित्सक?
देवघर कृषि विज्ञान केंद्र की पशु चिकित्सक डॉ. पूनम शॉरेन ने बताया कि थोड़ी सी सावधानी और सही खानपान से गर्मी के मौसम में भी गाय-भैंस का दूध उत्पादन बेहतर बनाए रखा जा सकता है. डॉ. शॉरेन के अनुसार, गर्मी के दिनों में पशुओं को नियमित रूप से हरा चारा खिलाना चाहिए. हरा चारा शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ आवश्यक पोषक तत्व भी उपलब्ध कराता है. इसके साथ थोड़ी मात्रा में गुड़ मिलाकर खिलाने से पशुओं को ऊर्जा मिलती है और उनका पाचन तंत्र भी बेहतर रहता है. गुड़ शरीर में खनिज तत्वों की पूर्ति करने में भी मदद करता है.

पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाते रहें
उन्होंने बताया कि गर्मी में सबसे महत्वपूर्ण चीज है साफ और ताजा पानी. कई बार पशुपालक दिन में एक-दो बार ही पानी देते हैं, जबकि तेज गर्मी में पशुओं को बार-बार पानी की आवश्यकता होती है. यदि पशु को पर्याप्त मात्रा में ताजा पानी नहीं मिलेगा तो उसके शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन हो सकता है. इसका सीधा असर दूध उत्पादन पर पड़ता है.

अपनाएं यह घरेलू नुशखा 
पशु चिकित्सक ने एक बेहद आसान और घरेलू नुस्खा भी बताया. उन्होंने कहा कि सप्ताह में चार से पांच दिन पशुपालक गुड़, सेंधा नमक और खाने वाला सोडा मिलाकर एक घोल तैयार करें और पशुओं को पिलाएं.यह घोल शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है. इससे पशु डिहाइड्रेशन का शिकार नहीं होते और गर्मी का असर भी कम पड़ता है. इसके अलावा पशुओं को दिन के सबसे गर्म समय में खुले धूप में बांधने से बचना चाहिए. उन्हें छायादार स्थान पर रखें. यदि संभव हो तो शेड के आसपास पानी का छिड़काव करें, जिससे वातावरण ठंडा बना रहे. सुबह और शाम के समय चारा खिलाना अधिक लाभदायक होता है, क्योंकि उस समय तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है.

छोटी-छोटी बातों का रखें ध्यान 
डॉ. पूनम शॉरेन का कहना है कि यदि पशुपालक इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें तो गर्मी के मौसम में भी गाय और भैंस स्वस्थ रहेंगी. पशु न केवल अच्छी मात्रा में दूध देंगे, बल्कि उनकी सेहत भी बेहतर बनी रहेगी. सही देखभाल, पौष्टिक आहार और पर्याप्त पानी ही गर्मी में दुधारू पशुओं को स्वस्थ रखने का सबसे बड़ा मंत्र है. इससे पशुपालकों की आय भी सुरक्षित रहेगी और दूध उत्पादन में किसी तरह की कमी नहीं आएगी.

About the Author

Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



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