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गुमला पुलिस ने अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह ‘कोरई गैंग’ का पर्दाफाश करते हुए 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने जिले में सोना व्यापारियों से हुई दो बड़ी लूट की घटनाओं का भी खुलासा किया है। ये वारदात पालकोट और घाघरा क्षेत्र में हुई थीं, जहां करोड़ों रुपये के जेवरात लूटे गए थे। जांच में सामने आया कि इन दोनों घटनाओं को इसी संगठित गिरोह ने अंजाम दिया था। गिरोह के तार ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश तक जुड़े मिले हैं, जिससे इसके अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। लंबे समय से पुलिस इस गैंग की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। हथियार और जेवरात बरामद पुलिस अधीक्षक हारीश बिन जमा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पालकोट थाना क्षेत्र के बिल्डिंगबीरा से सबसे पहले सात अपराधियों को पकड़ा गया। उनकी निशानदेही पर चार अन्य आरोपियों को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से करीब 70 ग्राम सोना, लगभग डेढ़ किलोग्राम चांदी, 1 लाख 70 हजार रुपये नकद, एक देशी पिस्तौल, दो देसी कट्टा, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य सुनियोजित तरीके से रेकी कर वारदात को अंजाम देते थे और घटना के बाद अलग-अलग राज्यों में फरार हो जाते थे, जिससे उन्हें पकड़ना चुनौतीपूर्ण हो जाता था। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र से जुड़े आरोपी गिरफ्तार आरोपियों में ओडिशा के जाजपुर जिले के कई अपराधी शामिल हैं, जबकि एक आरोपी छत्तीसगढ़ और एक आंध्र प्रदेश का रहने वाला है। प्रमुख आरोपियों में आर अर्जुन उर्फ अबला अर्जुन, अक्षय कबाड़ी, येशु दास, किशुन दास, अवला शेखर, अर्जुन दास, नाईकेल सावन, मनोज दास, भोला दत्त, करण नेताम और मेकला येशु के नाम शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि गिरोह के कुछ छोटे सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
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