जिले में सरकारी योजनाओं के प्रभावी और ससमय क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी पशुपतिनाथ मिश्रा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अंचल अधिकारियों को अपने-अपने प्रखंड सह अंचल मुख्यालय में अनिवार्य रूप से आवासित रहने का निर्देश दिया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि निर्देश का उल्लंघन करने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए पदाधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यालय अवधि में नियमित उपस्थिति के साथ-साथ संबंधित मुख्यालय में उनका निवास करना भी आवश्यक है। इससे सरकारी योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन, आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान और अधीनस्थ कर्मियों के कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होती है। दरअसल उपायुक्त को विभिन्न माध्यमों से लगातार यह जानकारी मिल रही थी कि जिले के कई बीडीओ और सीओ अपने निर्धारित प्रखंड सह अंचल मुख्यालय में निवास नहीं कर रहे हैं। बताया गया कि कुछ पदाधिकारी जिला अथवा अनुमंडल मुख्यालय में रहकर अपने कार्यों का संचालन कर रहे हैं। जबकि जिले के सभी प्रखंड सह अंचल मुख्यालयों में पदाधिकारियों व कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास की व्यवस्था उपलब्ध है। इसे गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने निर्देश जारी किया है कि जो भी बीडीओ व सीओ वर्तमान में अपने निर्धारित मुख्यालय में आवासित नहीं हैं, वे 14 अगस्त तक हर हाल में अपने-अपने मुख्यालय में आवासित होना सुनिश्चित करें। साथ ही सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने मुख्यालय में आवासित होने से संबंधित अनुपालन रिपोर्ट भी 14 अगस्त तक जिला गोपनीय शाखा, गढ़वा में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने कहा है कि 15 अगस्त के बाद यदि जांच या किसी अन्य माध्यम से किसी पदाधिकारी के मुख्यालय में आवासित नहीं होने की पुष्टि होती है, तो कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
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