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गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का अंतिम संस्कार बुधवार को उसके पैतृक गांव हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के पथरा में किया गया। एनकाउंटर में मौत के चार दिन बाद हुए इस अंतिम संस्कार के दौरान गांव में भारी भीड़ जुटी रही। मंगलवार दोपहर जैसे ही सुजीत का शव गांव पहुंचा, इलाके में लोगों का जमावड़ा लगने लगा था। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस भी पूरी तरह सतर्क रही। बुधवार तड़के अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी की गईं। इस दौरान परिवार और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में पूरे विधि-विधान से अंतिम क्रिया संपन्न हुई। पत्नी रिया को मिली एक दिन की पेरोल चाईबासा जेल में बंद सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा को पति के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अदालत से एक दिन की पेरोल मिली। मंगलवार को पलामू सिविल कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने पेरोल मंजूर की। आदेश की प्रति पलामू सेंट्रल जेल के माध्यम से चाईबासा जेल भेजी गई। जिसके बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा में रिया को मंगलवार देर शाम हुसैनाबाद लाया गया। बुधवार सुबह गांव पहुंचते ही जब उसने पति का शव देखा, तो वह चक्कर खाकर गिर पड़ी। वहां मौजूद लोगों ने उसे संभाला। इसके बाद वह अपने 12 वर्षीय पुत्र अक्षत सिन्हा के गले लगकर फूट-फूटकर रोने लगी। पेरोल की अवधि बुधवार तक ही निर्धारित है, जिसके बाद उसे वापस जेल लौटना होगा। गैंग संचालन के आरोपों में जेल में है रिया गौरतलब है कि सुजीत सिन्हा रविवार रात साहिबगंज से धनबाद जेल शिफ्टिंग के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। सोमवार को जामताड़ा सदर अस्पताल में उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया था, जिसके बाद परिवार ने गांव में अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। सुजीत करीब 10 साल पहले गिरफ्तार हुआ था। तब से जेल में बंद था। वहीं, उसकी पत्नी रिया सिन्हा पर आरोप है कि सुजीत के जेल में रहने के दौरान उसने पूरे गैंग की कमान संभाल ली थी। वह रंगदारी वसूली के लिए नए युवकों को गिरोह में शामिल करती थी। शूटरों की व्यवस्था करती थी। गैंग की गतिविधियों का संचालन करती थी। रांची पुलिस ने उसे इन्हीं आरोपों में गिरफ्तार किया था। रिया के खिलाफ पलामू, रांची सहित कई जिलों में करीब एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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