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पूजा बताती है कि उन्होंने आठवीं तक की पढ़ाई की उसके बाद उनकी शादी हो गई और वह हाउसवाइफ थी. फिर उनको संजू मिश्रा मिली और संजू मिश्रा ने बताया कि आप अचार बना लेती हैं तो आप अचार का बिजनेस करिए फिर हमने अचार के बिजनेस की शुरुआत की. बताती हैं कि हमको अचार बनाने का आईडिया संजू मिश्रा जी से मिला है हम घर पर थोड़ा बहुत अचार बना लेते थे तो उनसे हमने बताया तो उन्होंने हमको सारी विधि बताई और हम इस समय अचार का बिजनेस कर रहे हैं.
गोंडा: कहा जाता है कि सफलता हासिल करने के लिए केवल बड़ी डिग्री नहीं, बल्कि मेहनत और लगन की जरूरत होती है. इस बात को गोंडा जिले के विकासखंड पंडरी कृपाल की एक महिला ने सच साबित कर दिखाया है. केवल आठवीं तक पढ़ाई करने वाली इस महिला ने अपने घर से अचार बनाने का छोटा सा काम शुरू किया था, जो आज उसकी अच्छी कमाई का जरिया बन गया है. अचार के कारोबार से वह हर महीने अच्छी आमदनी कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं.
लोकल 18 से बातचीत के दौरान महिला पूजा ने बताया कि पहले वह केवल घरेलू कामकाज करती थीं. परिवार की आय सीमित थी. जिससे घर का खर्च चलाना आसान नहीं था. ऐसे में उन्होंने कुछ नया करने का फैसला किया. उन्हें पारंपरिक तरीके से स्वादिष्ट अचार बनाना आता था, इसलिए उन्होंने इसी हुनर को रोजगार का रूप देने की ठानी.
संजू मिश्रा से मिला आइडिया
पूजा बताती है कि उन्होंने आठवीं तक की पढ़ाई की उसके बाद उनकी शादी हो गई और वह हाउसवाइफ थी. फिर उनको संजू मिश्रा मिली और संजू मिश्रा ने बताया कि आप अचार बना लेती हैं तो आप अचार का बिजनेस करिए फिर हमने अचार के बिजनेस की शुरुआत की. बताती हैं कि हमको अचार बनाने का आईडिया संजू मिश्रा जी से मिला है हम घर पर थोड़ा बहुत अचार बना लेते थे तो उनसे हमने बताया तो उन्होंने हमको सारी विधि बताई और हम इस समय अचार का बिजनेस कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि हम संजू मिश्रा के साथ जुड़कर अक्षरा अचार का ब्रांड भी चल रही हूं. इस काम के लिए घर में सबका पूरा सपोर्ट रहा सबसे ज्यादा हमारे पति ने सपोर्ट किया है. भविष्य में हम और कई तरह के अचार बनाना चाहती हूं जिसकी ट्रेनिंग में ले रही हूं.
सबसे ज्यादा कौन से अचार की रहती है डिमांड
पूजा बताती हैं कि हमारे यहां सबसे ज्यादा मिक्स अचार, कटहल का अचार, जिमीकंद का अचार, हरी मिर्च का अचार और लहसुन के अचार की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है. शुरुआत में पूजा ने घर पर ही आम, नींबू, मिर्च और मिश्रित सब्जियों का अचार बनाना शुरू किया. पहले अचार को आसपास के लोगों और रिश्तेदारों को बेचती थीं. लोगों को उनके हाथ का बना अचार पसंद आने लगा, जिसके बाद मांग धीरे-धीरे बढ़ने लगी. बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने अचार का उत्पादन भी बढ़ा दिया. उन्होंने बताया कि इस समय हमारे यहां लगभग 15 से 20 प्रकार के अचार बनाए जाते हैं. पूजा बताती हैं कि अचार बनाने में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है. सभी मसालों और सामग्री का चयन सावधानी से किया जाता है, ताकि स्वाद और गुणवत्ता बनी रहे. यही वजह है कि उनके अचार की मांग लगातार बढ़ रही है. आज उनके ग्राहक सिर्फ गांव और जिले तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि दूसरे क्षेत्रों से भी लोग अचार मंगवाते हैं.
6 महिलाएं मिलकर करती हैं काम
पूजा बताती है कि हम कुल मिलाकर 5 से 6 महिला मिलकर काम कर रहे हैं. उनकी आय से परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं. इसके साथ ही वह अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं. उनका कहना है कि यदि महिलाओं में आत्मविश्वास और कुछ करने की इच्छा हो तो वे घर बैठे भी अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं. पूजा बताते हैं कि अचार के बिजनेस से हमारे बच्चों की पढ़ाई और घर का पूरा खर्चा चल रहा है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें