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कर्रा-तोरपा मुख्य मार्ग पर जोने-लुदरू मोड़ के पास गुरुवार रात करीब 10.15 बजे हुए भीषण सड़क हादसे में सात लोगों की मौत के बाद शुक्रवार सुबह ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीण सुबह करीब 6.30 बजे सड़क पर उतर आए और कर्रा रेलवे स्टेशन फाटक से घटनास्थल तक के साथ कर्रा चौक पर भी सड़क जाम कर दिया। करीब सात घंटे तक चले जाम से इलाके में आवागमन प्रभावित रहा। ग्रामीण मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, आश्रितों को सरकारी नौकरी और सड़क पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए ठोस सुरक्षा इंतजाम करने की मांग कर रहे थे। अधिकारियों के आश्वासन और समझाने-बुझाने के बाद दोपहर करीब 1.30 बजे जाम समाप्त हुआ। अधिकारियों ने स्वयं चंदा जुटाकर पीड़ित परिवारों के राजेश लोहरा और बिरसा नायक को 70-70 हजार रुपए की तत्काल सहायता दी। गुजरात में मजदूरी कर रहे राजेश लोहरा को घर लौटने के लिए हवाई टिकट भी उपलब्ध कराया गया। गुजरात कमाने गया था राजेश, इधर, खूंटी में उजड़ गया संसार 10 सदस्यों का परिवार चलाने के लिए राजेश लोहरा दो दिन पहले ही मजदूरी करने गुजरात गया था। गुरुवार रात हुए हादसे में उसकी दूसरी पत्नी फगन संगा, मां करमी लोहराईन और दो बेटियों सुभानी (10) व सोनी (8) की मौत हो गई। परिवार में अब पहली पत्नी मंजू, पिता शंकर और तीन बच्चे ही बचे हैं। दूसरी ओर, मछली बेचकर और खेती-बारी कर परिवार चलाने वाले बिरसा नायक पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे में उसकी पत्नी कसीला देवी उर्फ जवंती देवी, बेटी अंजलि कुमारी और 12 माह के नाती सौरव नायक की जान चली गई। उसकी दूसरी बेटी खुशबू कुमारी गंभीर रूप से घायल है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जताया शोक
हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुख जताया है। सभी ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर शोक-संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।
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