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Kundri Farming On Terrace Garden: कुंदरी की सब्जी एक बार लगाने पर कई साल तक फलन देती है. इसकी बेल लगाई जाती है और इसे छत, आंगन, बाड़ी या घर की क्यारी में कहीं भी उगाया जा सकता है. बोने से लेकर सही देखभाल तक कुछ नियमों का ध्यान रखें और सालों-साल इस सब्जी को तोड़कर खाएं.
देवघर. बरसात का मौसम सिर्फ धान और दूसरी फसलों के लिए ही नहीं, बल्कि घर के किचन गार्डन और छत पर सब्जियां उगाने के लिए भी सबसे बढ़िया समय माना जाता है. अगर आप चाहते हैं कि कम मेहनत में लंबे समय तक ताजी सब्जी मिलती रहे और बाजार से खरीदने की जरूरत भी कम पड़े, तो कुंदरी की खेती आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है.
देवघर के कृषि विशेषज्ञ वकील यादव बताते हैं कि कुंदरी ऐसी बेल वाली सब्जी है, जिसे एक बार सही तरीके से लगा दिया जाए तो कई साल तक लगातार फल देती रहती है. यही वजह है कि गांव से लेकर शहर तक अब लोग अपने घर के आसपास, आंगन, बाड़ी और छत पर भी इसकी खेती करने लगे हैं.
क्या कहते हैं कृषि विशेषज्ञ
कृषि विशेषज्ञ वकील यादव ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि कुंदरी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी बुवाई बीज से नहीं की जाती. इसे पुरानी बेल की कटिंग या जड़ों के हिस्से से तैयार किया जाता है. बरसात का महीना, खासकर जुलाई, इसकी रोपाई के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि इस समय मिट्टी में पर्याप्त नमी रहती है और पौधा तेजी से बढ़ता है. अगर सही तरीके से कटिंग लगाई जाए तो कुछ ही महीनों में बेल फैलने लगती है और उसके बाद फल आना शुरू हो जाता है. एक बार बेल तैयार हो गई तो लगातार कई वर्षों तक अच्छी पैदावार मिलती रहती है.
बलुई दोमट मिट्टी में लगाएं इसकी बेल
उन्होंने बताया कि कुंदरी के लिए ऐसी जगह चुननी चाहिए, जहां पानी जमा न हो. बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है क्योंकि इसमें जड़ें तेजी से फैलती हैं. रोपाई से पहले मिट्टी को अच्छी तरह तैयार कर उसमें सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट मिला देना चाहिए. इससे पौधे को शुरुआती पोषण मिलता है और बेल तेजी से विकसित होती है. जिन लोगों के पास खेत नहीं है, वे बड़े गमले, ग्रो बैग या सीमेंट की टंकी में भी इसे आसानी से उगा सकते हैं. बस पानी निकासी की व्यवस्था सही होनी चाहिए.
मचान के सहारे लगाएं कुंदरी की बेल
वकील यादव कहते हैं कि कुंदरी की बेल को जमीन पर फैलाने की बजाय मचान या जाली का सहारा देना ज्यादा फायदेमंद रहता है. इससे बेल अच्छी तरह फैलती है, धूप और हवा बराबर मिलती है साथ ही फल भी साफ-सुथरे और अच्छी गुणवत्ता वाले तैयार होते हैं. बरसात के मौसम में फफूंद की समस्या दिखाई दे तो रासायनिक दवा की जगह नीम के काढ़े का छिड़काव करना बेहतर रहता है. इससे पौधा सुरक्षित रहता है और फल की गुणवत्ता भी बनी रहती है.
चार-पांच साल तक देता है फल
फल आने के बाद हर पांच से सात दिन के अंतराल पर तुड़ाई की जा सकती है. समय पर तुड़ाई करने से नई फलियां लगातार निकलती रहती हैं और उत्पादन भी बढ़ता है. यही कारण है कि कुंदरी को लंबे समय तक उपज देने वाली सब्जियों में गिना जाता है. कृषि विशेषज्ञ के अनुसार, अच्छी देखभाल मिलने पर एक ही बेल करीब चार से पांच साल तक लगातार फल देती रहती है. इससे घर की जरूरत पूरी होने के साथ-साथ अतिरिक्त उपज को स्थानीय बाजार में बेचकर अच्छी आमदनी भी की जा सकती है.
पौष्टिक सब्जी के रूप में खाते हैं
पोषण के लिहाज से भी कुंदरी किसी सुपरफूड से कम नहीं मानी जाती. इसमें कई जरूरी विटामिन, फाइबर और खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं. नियमित रूप से इसका सेवन पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद करता है और यह हल्की, स्वादिष्ट व पौष्टिक सब्जी के रूप में लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है. ऐसे में अगर इस बरसात आप अपने घर की छत, आंगन या किचन गार्डन को हरा-भरा बनाना चाहते हैं, तो कुंदरी लगाना एक ऐसा फैसला हो सकता है, जो आने वाले कई साल तक आपको ताजी सब्जी और अतिरिक्त कमाई, दोनों का फायदा देगा.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें