Last Updated:
हरियाणा के फरीदाबाद में अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चल रहा है. जीवन नगर पार्ट 2 में डीटीपी इंफोर्समेंट ने 10 से ज्यादा अवैध कॉलोनियों पर नोटिस चिपकाए गए है. गरीब परिवार घर टूटने की आशंका से डरे और परेशान हैं. प्रॉपर्टी डीलर ने अवैध कॉलोनियां काटी हैं और फिर आगे प्लॉट बेचे गए.
फरीदाबाद. ये सिर्फ मकानों पर चस्पा किया गया एक नोटिस नहीं, बल्कि उन परिवारों की नींद उड़ाने वाला कागज बन गया है, जिन्होंने सालों की मेहनत, मजदूरी और पाई-पाई जोड़कर आशियाना खड़ा किया था. अब एक पल में यह धराशाई होने वाला है और बुलडोजर चलने वाला है.
दरअसल, फरीदाबाद के जीवन नगर पार्ट-2 में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत प्रशासन के नोटिस पहुंचने के बाद लोगों में डर और चिंता का माहौल है. कई परिवारों को अब अपने घरों के भविष्य की चिंता सताने लगी है.
फरीदाबाद में अवैध रूप से विकसित हो रही कॉलोनियों के खिलाफ डीटीपी इंफोर्समेंट ने सख्ती शुरू कर दी है. विभाग की ओर से 10 से अधिक अवैध कॉलोनियों में नोटिस चस्पा किए गए हैं, जिनमें जीवन नगर पार्ट-2 भी शामिल है. नोटिस मिलने के बाद प्रभावित परिवारों में दहशत फैल गई है. लोगों का कहना है कि मजदूरी और मेहनत की कमाई से घर बनाए हैं ऐसे में कार्रवाई की आशंका उन्हें परेशान कर रही है.
Local18 से बातचीत में स्थानीय निवासी बिपिन प्रसाद बताते हैं कि मैं बिहार का रहने वाला हूं और जीवन नगर पार्ट-2 में रहते हुए तीन साल हो गए हैं. मकान बनाने में करीब 15 लाख रुपये खर्च हो गए. तीन दिन पहले मकान पर नोटिस चिपका दिया गया. मैं मजदूरी करता हूं और मजदूरी करके एक-एक पैसा जोड़कर यह घर बनाया है. अभी बच्चे पढ़ रहे हैं ऐसे में समझ नहीं आ रहा आगे क्या होगा.
बिपिन प्रसाद बताते हैं कि मैंने डीलर से जमीन खरीदी थी. डीलर ने कभी नहीं बताया कि यह कॉलोनी अवैध है. उन्होंने कहा था कि मकान बनाइए और आराम से रहिए. प्रशासन आया और मकान पर नोटिस चिपकाकर चला गया. 55 गज में मकान बनाया है. यहां आज भी रास्ते कच्चे हैं और कॉलोनी पूरी तरह विकसित नहीं हुई है.जीवन नगर पार्ट-2 की हालत भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है. जिस इलाके में नोटिस लगाए गए हैं वहां अधिकांश गलियां कच्ची हैं. सड़कें उबड़-खाबड़ हैं और बरसात के दिनों में लोगों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है.
मूलभूत सुविधाओं की कमी के बावजूद लोगों ने यहां अपने घर बनाए लेकिन अब नोटिस मिलने के बाद भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है.
स्थानीय निवासी भैरव प्रसाद बताते हैं कि मेरे मकान पर नोटिस नहीं लगा है, लेकिन यह बिल्कुल गलत है. लोगों ने एक-एक पैसा जोड़कर घर बनाए हैं. हमें तो यह भी नहीं पता था कि जमीन सरकारी है या कॉलोनी अवैध है. मैं उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला हूं. मेहनत की कमाई लगाकर लोग यहां बसे हैं.
प्लॉट का रेट 20 से 22 हजार रुपये प्रति गज
स्थानीय निवासी रामनिवास प्रजापति बताते हैं कि मेरे मकान पर नोटिस नहीं है लेकिन कई मकानों पर नोटिस लगाए गए हैं और कई पर नहीं लगाए गए. यह कॉलोनी अभी पास नहीं है. डीलर कम कीमत का लालच देकर लोगों को प्लॉट बेच देते हैं. यहां प्लॉट का रेट 20 से 22 हजार रुपये प्रति गज तक चल रहा है. लोगों ने सस्ते में नहीं बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार पैसे देकर जमीन खरीदी है. विक्रमा भगत बताते हैं मैं डबुआ कॉलोनी में रहता हूं और मिस्त्री का काम करता हूं. जिस मकान पर नोटिस चिपकाया गया है और करीब 15 लाख रुपये का मकान मैंने अपने हाथों से बनाकर तैयार किया है. मकान बनकर तैयार हुआ और उसके तुरंत बाद नोटिस लग गया. जीवन नगर पार्ट-2 में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन परिवारों ने वर्षों की मेहनत और जमा-पूंजी लगाकर अपने घर बनाए हैं उनका आगे क्या होगा. नोटिस के बाद लोग असमंजस और डर के माहौल में जी रहे हैं.
About the Author
Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें