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चतरा में कोयला लदा हाइवा ने ग्रामीण को कुचला:मुआवजे की मांग पर...




चतरा में सुबह हुए हादसे के बाद से ग्रामीणों ने बीते सात घंटे से चतरा-सिमरिया रोड को जाम कर रखा है। दरअसल, एक तेज रफ्तार कोयला लदा हाइवा की चपेट में आने से एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा चतरा-सिमरिया मेन रोड पर देल्हो गांव स्थित इंडियन गैस एजेंसी के पास हुआ। मृतक की पहचान सिमरिया थाना क्षेत्र के देल्हो निवासी सहदेव यादव (45) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सहदेव यादव सुबह सड़क किनारे होते हुए अपने घर लौट रहे थे, तभी अनियंत्रित कोल हाइवा ने उन्हें कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखें… हादसे के बाद से ग्रामीण नाराज, बच्चे बाल-बाल बचे घटना के बाद पूरे देल्हो गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयावह था कि आसपास मौजूद लोग सहम गए। गनीमत रही कि उसी समय ट्यूशन के लिए जा रहे कुछ बच्चे इस अनियंत्रित वाहन की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए, अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार भारी वाहनों का परिचालन लगातार खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने शव रखकर किया सड़क जाम घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर चतरा-सिमरिया मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने खनन कार्य में लगी कोल कंपनियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा देने की मांग की। उनका कहना है कि भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार के कारण आए दिन इस तरह के हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। ग्रामीणों ने दोषी वाहन चालक की जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की। मौके पर पुलिस मौजूद-मान मुन्नवल जारी सड़क जाम की सूचना मिलते ही सिमरिया थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह और अंचलाधिकारी गौरव मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और जाम हटाने को लेकर वार्ता शुरू की। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि अज्ञात वाहन की पहचान कर दोषी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अंचलाधिकारी ने बताया कि सरकारी प्रावधानों के तहत आपदा प्रबंधन से मिलने वाला मुआवजा मृतक के परिजनों को जल्द दिलाया जाएगा। हालांकि तमाम बातचीत के बाद भी लोग सड़क छोड़ कर हटने को तैयार नहीं हैं।



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