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चारा घोटाले से जुड़े 38 लाख के जेवर नहीं लौटेंगे, झारखंड हाई...


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Fodder Scam Ranchi HC News: चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें आरोपी एसबी सिन्हा के घर से जब्त 38 लाख रुपये के जेवरात को लौटाने का निर्देश दिया गया था.

चारा घोटाले से जुड़े 38 लाख के जेवर नहीं लौटेंगे, झारखंड HC ने CBI की ही सुनीZoom

चारा घोटाला मामले में सीबीआई को बड़ी राहत

रांची. झारखंड उच्च न्यायालय ने चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण आदेश देते हुए एसबी सिन्हा के घर से जब्त किए गए करीब 38 लाख रुपये के जेवरात लौटाने के निचली अदालत के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है. सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने एसबी सिन्हा के पुत्र रवि सिन्हा समेत अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. बता दें कि यह पूरा मामला चारा घोटाले की जांच के दौरान सीबीआई की छापेमारी से जुड़ा है . जांच के दौरान तत्कालीन पशुपालन विभाग के अधिकारी एस.बी. सिन्हा के ठिकानों से लाखों रुपये मूल्य के कीमती आभूषण जब्त किए गए थे.

बता दें कि हाल ही में सीबीआई की विशेष अदालत ने इन आभूषणों को उनके परिजनों को वापस सौंपने का आदेश जारी किया था. निचली अदालत के इसी फैसले के खिलाफ सीबीआई ने झारखंड उच्च न्यायालय का रुख किया था और यह दलील दी कि यह संपत्ति घोटाले की अवैध कमाई से अर्जित की गई हो सकती है, इसलिए इसे वापस नहीं किया जाना चाहिए .

मिली जानकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि 13 और 14 मई 1999 को एसबी सिन्हा के घर से जेवरात जब्त किए गए थे. जांच एजेंसी का कहना है कि एसबी सिन्हा का निधन 1999 में और उनकी पत्नी रमा सिन्हा का निधन 2011 में हो गया था. सीबीआई के अनुसार रमा सिन्हा ने अपने जीवनकाल में इन जेवरों पर स्त्रीधन के रूप में कोई दावा पेश नहीं किया.

यहां यह भी बता दें कि रवि सिन्हा ने वर्ष 2024 में विशेष सीबीआई अदालत में जेवर वापस करने की मांग करते हुए आवेदन दिया था, लेकिन उनके दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया. इसी मामले में सीबीआई ने निचली अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. उसी याचिका पर सुनवाई करते हुए HC ने निचली अदालत के आदेश पर स्टे लगा दिया है.

हाई कोर्ट ने रोक लगाते हुए मांगा जवाब

सीबीआई की दलीलों को गंभीरता से लेते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले की पूरी सुनवाई मुकम्मल नहीं हो जाती, तब तक ये आभूषण मालखाने या सरकारी अभिरक्षा में ही रहेंगे. इसके साथ ही अदालत ने दिवंगत सिन्हा के बेटे रवि सिन्हा और अन्य को नोटिस तामील करते हुए पूछा है कि क्यों न निचली अदालत के इस आदेश को स्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाए.

चारा घोटाले का अहम हिस्सा थे एसबी सिन्हा

मालूम हो कि बिहार और झारखंड के इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में शुमार चारा घोटाले में पशुपालन विभाग के तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशक डॉ. एस.बी. सिन्हा को किंगपिन यानी मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक माना जाता था. हालांकि, मामले की कानूनी प्रक्रिया के दौरान ही उनका निधन हो गया था. बहरहाल, हाई कोर्ट के इस नए आदेश के बाद अब इस मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.



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