भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

छतरपुर की अनोखी जंगली जामुन, स्वाद में खट्टी-मीठी लेकिन सेहत के लिए...


Last Updated:

मप्र के छतरपुर जिले में एक ऐसी भी जामुन पाई जाती है जिसे जंगली जामुन कहा जाता है. इसे क्षेत्रीय भाषा में कटीली या कट जामुन भी कहते हैं. ये साइज में छोटी होती है और स्वाद में थोड़ी खट्टी होती है. हालांकि, इसके फायदे अनेक होते हैं.

छतरपुर जिले में इस समय बारिश का मौसम चल रहा है. ऐसे में बाजारों में जामुन फल भी देखने को मिल जाता है. हालांकि, जिले में एक ऐसी भी जामुन पाई जाती है जिसे जंगली जामुन भी कहा जाता है. इसे क्षेत्रीय भाषा में कटीली या कट जामुन भी कहते हैं. ये साइज में छोटी होती है और स्वाद में खट्टी-मीठी होती है. हालांकि, इसके फायदे अनेक होते हैं.

जंगल में ही पेड़ मिलते हैं 
मंगल सिंह बताते हैं कि छतरपुर जिले में एक ऐसी जामुन भी पाई जाती है जिसे क्षेत्रीय भाषा में कट जामुन या जंगली जामुन भी कहा जाता है. ये जामुन जंगलों में देखने को मिलती है. हालांकि, बाजारों में कम देखने को मिलती है.बाजारों में बड़ी जामुन ही आती है वह बड़ी और स्वाद में ज्यादा मीठी होती है इसलिए बाजार में बड़ी जामुन की ज्यादा डिमांड रहती है. हालांकि, फायदेमंद जंगली जामुन होती है. लेकिन ये बाजारों में नहीं पहुंच पाती है. जंगली जामुन पेड़ से टूटने के बाद 1 ही दिन खा सकते हैं इसके बाद सड़ने लगती है. यही वजह है कि ये जामुन बाजारों में नहीं आ पाती है.

जंगली जामुन की पहचान 
मंगल बताते हैं कि ये कट जामुन साइज में बड़ी जामुन की अपेक्षा बहुत छोटी होती है और स्वाद में थोड़ी खट्टी होती है. हालांकि, इस जामुन के फायदे अनेक होते हैं. इसलिए ये जामुन लोग ढूंढ-ढूंढ कर खाते हैं.

ये जामुन बाल को भी गला देती 
मंगल बताते हैं कि अगर आपने गलती से बाल निगल लिया हो तो ये जामुन उस बाल को गला देती है. किसी व्यक्ति को कब्ज की समस्या है तो ये रामबाण होती है. साथ ही शुगर के मरीज इस जामुन को ढूंढ-ढ़ूढ़ कर खाते हैं. ये जामुन स्वास्थ्य के लिए बेहद ही फायदेमंद होती है.

गुठली भी फायदेमंद
मंगल बताते हैं कि इस जामुन की गुठली भी बड़े काम की होती है. लोग गुठली बीनकर रख लेते हैं फिर उन्हें सुखाते हैं इसके बाद उन्हें कूटते हैं और उन गुठलियों का चूरन या पाउडर बनाते हैं. ये चूरन डायबिटीज मरीजों के काम आता है. हमारे गांव के लोग जामुन की गुठलियों को बीनकर रख लेते हैं.



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top