भास्कर न्यूज | दुमका गोपीकांदर थाना क्षेत्र के चिरुडीह गांव में बुधवार शाम विस्फोटक लदे वाहन की चपेट में आने से मेरीशीला नामक महिला की मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कोल कंपनी का कार्य बंद करा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक कंपनी आश्रितों को पांच करोड़ मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी नहीं देगी, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। शुक्रवार को वार्ता के बाद कंपनी छह लाख मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने के लिए तैयार हुई। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। शुक्रवार को मेरीशीला का शव चिरुडीह गांव लाया गया। इसके बाद पीड़ित परिवार, ग्रामीण और कंपनी के अधिकारियों के बीच लंबी वार्ता हुई। वार्ता में कंपनी के अधिकारी छह लाख का मुआवजा देने को तैयार हुए। साथ ही आश्वासन दिया कि हादसे में घायल किरण शीला बास्की को कंपनी में नौकरी दी जाएगी। कहा कि जब कोल कंपनी कोयला उत्खनन कार्य शुरू करेगी, तभी नौकरी दी जाएगी। वार्ता में पुलिस की टीम भी शामिल थी। बुधवार को मेरीशीला हेंब्रम अपने घर चापुड़िया से छोटी बेटी किरण शीला बास्की के साथ स्कूटी से चिरुडीह गांव दामाद के घर आई थी। वापस लौटने के दौरान चिरुडीह गांव के पास नवेली उत्तरप्रदेश पावर प्रोजेक्ट लिमिटेड कंपनी के कैंप से विस्फोटक लेकर जा रहे वाहन ने टक्कर मार दी। इसमें मेरीशीला की मौत हो गई। बेटी किरण शीला बास्की घायल हो गई। वार्ता में नवेली कंपनी के सीजीएम रमेश गोटे, अनुज कुमार, महालक्ष्मी कंपनी के जीएम शांति कुमार, जिला परिषद सदस्य निशा सबनम, झामुमो प्रखंड सचिव सुलेमान हांसदा, मांझी संगठन प्रखंड सचिव मनोज मरांडी, मुन्ना मुर्मू, बड़ा चापुड़िया की मुखिया चांदनी देवी, गोपीकांदर पुलिस बल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
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