बोकारो. अगस्त का महीना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान किसान खरीफ फसलों के साथ-साथ ऐसी सब्जियों की खेती की तैयारी भी करते हैं, जिनसे कम समय में अच्छी आमदनी पायी जा सके. ऐसे में बोकारो जिला कृषि आत्मा (प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण) की उप परियोजना निदेशक और कृषि एक्सपर्ट सविता जोजो के अनुसार, अगस्त में कुछ ऐसी खास फसलें हैं, जिन्हें किसान कम लागत में उगाकर प्रति एकड़ 1 लाख रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ पा सकते हैं.
प्याज की खेती के लिए बेस्ट समय
सविता जोजो ने बताया कि अगस्त का महीना प्याज की खेती के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है. इस मौसम में किसान दो तरीकों से प्याज की बुवाई कर सकते हैं. पहला तरीका छोटी कलियों (सेट) के माध्यम से और दूसरा पौध (रोपाई) के जरिए. प्याज की खेती बेड बनाकर करनी चाहिए तथा खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखना जरूरी है.
इस मौसम में लगाया गया प्याज नवंबर के आसपास बाजार में पहुंचता है. तब इसकी कीमतें बेहतर मिलती हैं. प्रति एकड़ लगभग 20,000 से 30,000 रुपये की लागत आती है और औसतन 125 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है, जिससे 1 लाख रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ संभव है.
हरी मिर्च की खेती के लिए भी फायदेमंद
अगस्त में हरी मिर्च की खेती भी किसानों के लिए लाभकारी विकल्प मानी जाती है. इसकी खासियत यह है कि एक बार फसल तैयार होने के बाद लगभग सात महीने तक लगातार तुड़ाई की जा सकती है. अच्छी देखभाल और उचित प्रबंधन के साथ किसान लगभग 200 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे करीब 2 लाख रुपये तक की शुद्ध आमदनी होने की संभावना रहती है.
शिमला मिर्च और गाजर
शिमला मिर्च की खेती भी किसानों के लिए बेहतर विकल्प है. अगर इसकी रोपाई अगस्त के अंतिम हफ्ते में की जाए, तो लगभग चार महीने में फसल तैयार हो जाती है. इससे प्रति एकड़ लगभग 300 क्विंटल तक उत्पादन पाया जा सकता है और किसान 1 लाख रुपये या उससे अधिक का शुद्ध लाभ कमा सकते हैं.
अगेती गाजर की खेती करने वाले किसानों के लिए भी अगस्त का महीना सही समय है. यह फसल लगभग चार महीने में तैयार हो जाती है और प्रति एकड़ औसतन 150 क्विंटल तक उत्पादन देती है. बाजार में अच्छे दाम मिलने पर किसान लगभग 2 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ कमा सकते हैं.
मूली और मटर की खेती
मूली की खेती भी अगस्त में लाभदायक मानी जाती है. यह फसल केवल 40 से 50 दिनों में तैयार हो जाती है. प्रति एकड़ लगभग 15,000 से 20,000 रुपये की लागत आती है और 80 से 120 क्विंटल तक उत्पादन पाया जा सकता है. वहीं, बाजार भाव अच्छा मिलने पर किसान 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं.
इसके अलावा मटर की खेती भी किसानों के लिए कमाई का अच्छा विकल्प है. प्रति एकड़ लगभग 30,000 रुपये की लागत में किसान 70 से 80 क्विंटल या उससे अधिक उत्पादन पा सकते हैं. अच्छी गुणवत्ता और बाजार मूल्य मिलने पर मटर की खेती से लगभग 1.20 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ अर्जित किया जा सकता है.
आखिर में कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसान इन फसलों की वैज्ञानिक तरीके से खेती करें, समय पर सिंचाई, पोषण प्रबंधन और कीट-रोग नियंत्रण अपनाएं, तो अगस्त में इन सब्जी फसलों की खेती से बेहतर उत्पादन के साथ अच्छी आमदनी पायी जा सकती है.