भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

छोटा सा कार्ट, बड़ा स्वाद! ऋषिकेश में छाया ‘बॉस द शेफ’ का...


Last Updated:

लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान शेफ पवन सिंह पंवार ने बताया कि उन्होंने अपने कार्ट का नाम “बॉस द शेफ” इसलिए रखा क्योंकि वह खुद ही शेफ हैं और पूरी कुकिंग अपने हाथों से करते हैं. उनके अनुसार इस नाम का सीधा अर्थ है कि जो बॉस है, वही शेफ है और वही ग्राहकों के लिए स्वादिष्ट भोजन तैयार करेगा. 

ऋषिकेश: ऋषिकेश में स्ट्रीट फूड का क्रेज लगातार बढ़ रहा है और लोग नए स्वादों की तलाश में अलग-अलग फूड पॉइंट्स पर पहुंच रहे हैं. इसी बीच हरिद्वार रोड पर स्थित “बॉस द शेफ” नाम का एक फूड कार्ट अपनी अनोखी डिशेज और किफायती कीमतों की वजह से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. इस कार्ट को संचालित करने वाले शेफ पवन सिंह पंवार अपने खास अंदाज और यूनिक मेन्यू के जरिए ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं. खास तौर पर यहां मिलने वाला नूल परौठा और ग्रेवी वाली चाप लोगों को एक अलग स्वाद का अनुभव दे रहे हैं.

“बॉस द शेफ”
लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान शेफ पवन सिंह पंवार ने बताया कि उन्होंने अपने कार्ट का नाम “बॉस द शेफ” इसलिए रखा क्योंकि वह खुद ही शेफ हैं और पूरी कुकिंग अपने हाथों से करते हैं. उनके अनुसार इस नाम का सीधा अर्थ है कि जो बॉस है, वही शेफ है और वही ग्राहकों के लिए स्वादिष्ट भोजन तैयार करेगा. यह नाम उन्हें सहज और अलग लगा, इसलिए उन्होंने इसे अपने फूड कार्ट की पहचान बनाया.यह कार्ट हरिद्वार रोड पर छाबड़ा ब्रदर्स के आगे और छोटी सब्जी मंडी के सामने स्थित है. इसके आसपास कई लोग रोजाना आते-जाते हैं, जिससे यह जगह खाने के शौकीनों के लिए एक सुविधाजनक ठिकाना बन गई है. राजस्थानी भोजनालय के नजदीक स्थित यह कार्ट धीरे-धीरे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के बीच भी लोकप्रिय हो रहा है.

“बॉस द शेफ” की सबसे बड़ी खासियत

“बॉस द शेफ” की सबसे बड़ी खासियत यहां मिलने वाली ग्रेवी वाली चाप और नूल परौठा है. शेफ पवन का कहना है कि ग्रेवी वाली चाप बहुत कम जगहों पर मिलती है और इसका स्वाद लोगों को काफी पसंद आ रहा है. वहीं नूल परौठा इस कार्ट की सबसे विशेष डिश है. उनका दावा है कि पूरे उत्तराखंड में, यहां तक कि तपोवन जैसे लोकप्रिय क्षेत्रों में भी इस तरह का नूल परौठा आसानी से देखने को नहीं मिलता.नूल परौठा अपनी बनावट और बनाने की प्रक्रिया के कारण बेहद खास माना जाता है.

कैसा होता है “नूल” पराठा

पवन ने बताया कि “नूल” का अर्थ रस्सी होता है और इस परौठे को रस्सी जैसी संरचना देकर तैयार किया जाता है. इसे बनाने में दूध, दही, शुगर और नमक का उपयोग किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में काफी मेहनत और समय लगता है, लेकिन इसके बावजूद वह इसे मात्र ₹10 में ग्राहकों को उपलब्ध करा रहे हैं. उन्होंने बताया कि बड़े रेस्टोरेंट्स में इसी प्रकार का परौठा ₹25 से ₹30 तक में बेचा जाता है.

About the Author

Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top