भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

20 सेकंड में 10 ग्लास जूस देने वाली मशीन, 100% विटामिन-मिनरल्स रहेंगे...


Last Updated:

रांची के कृषि वैज्ञानिकों ने एक खास जूसर मशीन बनाई है. यह पूरी तरह कोल्ड प्रेस्ड तकनीक पर काम करती है. इसमें फलों के 100% विटामिन और मिनरल्स सुरक्षित रहते हैं. यह मशीन लोहे और एल्यूमीनियम से बनी है. इसकी उम्र 20 साल है और कीमत मात्र ₹2500 है.

ख़बरें फटाफट

रांची: अगर आप घर पर मिनटों में सेहतमंद जूस तैयार करना चाहते हैं, तो रांची के बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कृषि वैज्ञानिकों ने एक कमाल की मशीन तैयार की है. यह पूरी तरह से एक ‘कोल्ड प्रेस्ड’ जूसर मशीन है, जो बिजली से चलती है. इस मशीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह मात्र 20 सेकंड में 10 ग्लास जूस (और एक बार में अधिकतम 20 ग्लास तक) बनाकर तैयार कर सकती है. इसके इस्तेमाल से पूरे परिवार के लिए जूस बनाने का टेंशन हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा.

क्यों खास है कोल्ड प्रेस्ड तकनीक?
यूनिवर्सिटी के कृषि वैज्ञानिक अभिजीत बताते हैं कि आम मिक्सी या जूसर चलते समय काफी गर्मी (हीट) पैदा करते हैं, जिससे फलों के पौष्टिक तत्व और विटामिंस लगभग 60% तक नष्ट हो जाते हैं. इसके विपरीत, इस कोल्ड प्रेस्ड मशीन में हीट जनरेशन ना के बराबर होता है. इस वजह से फलों में मौजूद 100% विटामिन और मिनरल्स जूस में सुरक्षित रहते हैं. बाजार में इस तकनीक की मशीनों के लिए लोग हजारों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन अब यह सुविधा बेहद कम कीमत में घर पर उपलब्ध हो सकेगी.

3 लेयर फिल्टर और मजबूत बनावट
इस मशीन में 3 लेयर का एडवांस फिल्टर सिस्टम दिया गया है. यह जूस को ऑटोमेटिक तरीके से इतनी बारीकी से छानता है कि फल का एक रेशा भी जूस में नजर नहीं आता. बनावट की बात करें तो इसमें प्लास्टिक का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया गया है। यह पूरी तरह लोहे और एल्यूमीनियम से बनी है. वैज्ञानिकों का दावा है कि यह मशीन इतनी मजबूत है कि नीचे गिरने या पटकने पर भी खराब नहीं होगी.

मशीन की कीमत और लाइफ
इस स्वदेशी और बेहद मजबूत जूसर मशीन की कीमत मात्र ₹2500 रखी गई है. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, एक बार खरीदने के बाद यह मशीन कम से कम 20 साल तक बिना किसी खराबी के आराम से काम करेगी. कम बजट में सेहत और मजबूती का यह एक बेहतरीन विकल्प है.

About the Author

Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top