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भास्कर न्यूज | मनिका औराटांड़ स्थित आदिम जनजाति बालक आवासीय प्राथमिक विद्यालय से तीन बच्चों के भागने से मंगलवार को हड़कंप मच गया। हालांकि कुछ घंटे बाद ही उन्हें मनिका बाजार से बरामद कर लिया गया। इस घटना के बाद प्रखंड कल्याण पदाधिकारी (बीडबल्यूओ) अभिषेक कुमार ने आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान आवासीय विद्यालय की अव्यवस्था खुलकर सामने आ गई। स्कूल में 100 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन मौके पर सिर्फ 53 बच्चे ही उपस्थित पाए गए। तीनों बच्चों को सीडब्ल्यूसी के माध्यम से लातेहार भेजा गया है। जांच में पाया गया कि ज्ञान ज्योति नामक संस्था इसके संचालन में लापरवाही बरत रही है। स्कूल में मात्र 4,000 मानदेय पर शिक्षक रखकर खानापूर्ति की जा रही है, वहीं रसोइयों को भी सिर्फ 200 प्रतिदिन की मजदूरी दी जा रही है। कई बच्चों ने हिम्मत जुटाकर अधिकारी को अपनी आपबीती सुनाई। बच्चों ने बताया कि इस भीषण गर्मी में भी हॉस्टल और क्लास रूम में लाइट व पंखे की कोई व्यवस्था नहीं है। बिजली के बोर्ड जर्जर होकर लटके हैं, जिससे हमेशा हादसे का डर बना रहता है। अनुपस्थित शिक्षकों की हाजिरी काटी : रसोइया उर्सिला तेलरा और जिरमनिया देवी ने बताया कि केवल 750 ग्राम दाल मिली थी। बच्चों के अनुसार खाने से पापड़-अचार गायब थे और दाल पानी जैसी पतली थी। इसके अलावा परिसर के शौचालय पूरी तरह जर्जर था और उनमें नल तक नहीं लगा था। पता चला कि सुरक्षा गार्ड और प्रिंसिपल अक्सर गायब रहते हैं। इसके बाद अनुपस्थित शिक्षकों की हाजिरी काट दी गई।
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