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जामताड़ा के एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और मुआवजे की मांग की। यह घटना दुमका रोड स्थित एसएस अस्पताल में हुई, जहां 21 अगस्त को 20 वर्षीय गर्भवती सुनीता मरांडी को भर्ती कराया गया था। सिजेरियन ऑपरेशन के बाद महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। इसके अगले दिन, 22 अगस्त को सुनीता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। अस्पताल ने उसे रेफर करने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने उन्हें स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी और पुलिस बुलाकर उन्हें वहां से हटा दिया। एसएस अस्पताल प्रबंधन के आश्वासन पर सुनीता को धनबाद के जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतका सुनीता मरांडी के पति मुकेश हसदा ने एसएस अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि सफल प्रसव और आठ दिन तक सुरक्षित रखने के लिए 28,000 रुपये की फीस तय हुई थी, जिसमें से 22,000 रुपये पहले ही जमा करा लिए गए थे। मुकेश हसदा का यह भी आरोप है कि सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान जामताड़ा के अस्पताल में सुनीता की नस कट गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ी और उसे सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने एसएस अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। अस्पताल बंद कर प्रबंधन फरार हो गए। उन्होंने जामताड़ा-दुमका मुख्य मार्ग को भी जाम कर दिया। परिजन मुआवजे के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतका सुनीता मरांडी जामताड़ा सदर प्रखंड के चलना पंचायत के भंडारों गांव की निवासी थीं। परिजन अभी भी मुख्य मार्ग पर शव रखकर न्याय की मांग पर अड़े हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल भेजी गई है। लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। जो भी आरोप है जांच कर उचित कार्यवाही की जाएगी। -वसीम रजा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी
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