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जिले के 56805 लोगों के नाम कार्ड से कटे, भेजा जा रहा...



जिले में अवैध रूप से राशन ले रहे 56805 लोगों से वसूली की तैयारी है। अपात्र होने के बाद भी इन्होंने गरीबों के हक पर डाका डालकर राशन खाते रहे। आपूर्ति विभाग की जांच में सच्चाई सामने आने के बाद इनका राशन कार्ड समाप्त कर दिया गया है। अब इनसे वसूली की जाएगी। इसको लेकर विभाग ने नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। केंद्र और प्रदेश सरकार गरीबों को मुफ्त में राशन का वितरण करती है। इसके लिए सरकार गरीबों का राशन कार्ड बनाती है। अति गरीब के लिए अंत्योदय अन्न योजना कार्ड (एएवाई), गरीब परिवारों के लिए प्राथमिक परिवार कार्ड (पीएचएच) और प्रदेश सरकार का ग्रीन कार्ड बनाया जाता है। इसके अलावा गरीबी रेखा से भी नीचे के लोगों के लिए बीपीएल कार्ड बनाया जाता है। जिले में 1590264 सदस्य राशन ले रहे हैं। इनमें पीएचएच में 1235151 सदस्य हैं। एएवाई में 222030 और ग्रीन में 133083 सदस्य हैं। सरकार इन कार्ड धारकों को प्रतिमाह राशन की दुकान से खाद्यान्न का वितरण करती है। गरीबों के लिए चलाई गई योजना पर मध्यम वर्ग और अमीरों की नियत डोल गई। गलत तरीके से 56806 लोगों ने अपने राशन कार्ड बनवा लिए। फिर गरीबों के राशन पर डाका डालने लगे। उनकी इस हरकत से कई गरीबों के राशन कार्ड तक नहीं बन पाए। इसकी जानकारी पर केंद्र और प्रदेश सरकार ने जांच शुरू की। पता चला कि जीएसटी, इनकम टैक्स, चार पहिया वाहन इस्तेमाल करने वाले कार्ड बनवाकर राशन ले रहे हैं। इतना ही नहीं, जिनके पास पांच एकड़ से अधिक जमीन है, वे भी गरीबों की योजना का लाभ उठा रहे हैं। यही वजह है कि अब केवाईसी अनिवार्य की जा रही है। ताकि कार्ड धारकों की हकीकत सामने आए। जिला खाद्य विभाग अब सालों से गरीबों के हक पर डाका डाल रहे इन 56806 लोगों से वसूली करेगा। इसके लिए विभाग ने इनको नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। इसके बाद इनसे वसूली भी की जाएगी। विभाग के सूत्रों की मानें तो अपात्र राशन कार्ड धारकों की अभी तलाश जारी है। माना जा रहा है कि यह संख्या बढ़कर डेढ़ लाख तक पहुंच सकती है। 40 रु. किलो के हिसाब से होगी चावल की वसूली 40 रुपए किलो चावल और 22 रुपए किलो के हिसाब से खाद्य विभाग खाद्यान्न खरीदता है। गरीबों का राशन खा रहे अपात्रों से अब इसी के हिसाब से धन की वसूली की जाएगी। ^जिले में 56806 लोगों ने गलत तरीके से अपना राशन कार्ड बनवा लिया था। ये लोग पिछले कई सालों से गरीबों का राशन खा रहे थे। जांच में हकीकत सामने आने पर इनके नाम राशन कार्ड से काट दिए गए हैं। इन सभी को नोटिस दिया जा रहा है। इसके बाद इनसे अब तक लिए गए जितने भी राशन का धन होता है वसूला जाएगा।^ मुरली यादव, जिला खाद्य पदाधिकारी



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