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भास्कर न्यूज़|गुमला जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में रविवार देर रात और सोमवार को सर्पदंश की सात अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। सभी घायलों को परिजनों द्वारा आनन-फानन में सदर अस्पताल गुमला में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जिले में 35 दिनों में सर्प दंश की 65 घटना, जून में 49 और 5 जुलाई तक 16 घटनाएं, जिसमे अबतक 3 लोगो की मौत हो चुकी है। बारिश के मौसम में सांप निकलने की घटनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। पहली घटना सदर थाना क्षेत्र के पतिया गांव की है। गांव निवासी भूषण सिंह (55) रविवार देर रात किसी काम से पैदल गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में जहरीले सांप ने उनके पैर में डस लिया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। परिजनों ने उन्हें तुरंत सदर अस्पताल गुमला में भर्ती कराया। दूसरी घटना बसिया थाना क्षेत्र के बरटोली गांव में हुई। जहां मैनी देवी (41) अपने घर के आंगन में बर्तन धो रही थीं। इसी दौरान अचानक सांप ने उन्हें डस लिया। परिजनों ने पहले उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसिया में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया गया। तीसरी घटना भरनो थाना क्षेत्र के अलगोरी गांव की है। पानखोई उरांव (17) रविवार रात अपने घर के कमरे में जमीन पर बिस्तर लगाकर सोए हुए थे। इसी दौरान बिस्तर में घुसे जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरनो पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया गया। चौथी घटना घाघरा थाना क्षेत्र में हुई। घाघरा निवासी ज्योतिष मुंडा (17) अपने घर की बारी में साफ-सफाई कर रहे थे। इसी दौरान जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया, जिससे वह गंभीर हो गए। परिजनों ने उन्हें सदर अस्पताल गुमला में भर्ती कराया।
पांचवीं घटना पालकोट थाना क्षेत्र के टैंगरिया गांव में हुई, जहां रविवार रात दो लोगों को सांप ने डस लिया। घायलों में सत्यम नायक (17) और छत्रपाल नायक (44) शामिल हैं। बताया जाता है कि दोनों बारिश के मौसम में खेती के लिए खेत तैयार करने में लगे थे, तभी सांप के डसने से उनकी हालत बिगड़ गई। दोनों को इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला में भर्ती कराया गया है। वहीं छठी घटना बिशुनपुर थाना क्षेत्र के बनारी गांव में हुई। जहां विमला देवी (40) शौच के लिए खेत की ओर जा रही थीं। इसी दौरान सांप ने उनके पैर में डस लिया। परिजनों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिशुनपुर में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में सभी घायलों का इलाज जारी है। सर्पदंश होने पर क्या करें: मरीज को शांत रखें और घबराने न दें। प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें। तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही उपचार कराएं। घटना का समय और परिस्थितियां याद रखें। क्या न करें: झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू उपचार का सहारा न लें। प्रभावित स्थान को काटने या जहर चूसने का प्रयास न करें। अत्यधिक कसकर पट्टी न बांधें। सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। मुआवजा राशि: सर्पदंश से मौत होने पर मृतक के आश्रितों/परिजनों को ₹4,00000 (चार लाख रुपये) की अनुग्रह अनुदान राशि दी जाती है। यह राशि राज्य आपदा मोचन निधि से जिला आपदा प्रबंधन समिति के माध्यम से जारी की जाती है। सीएस ने कहा कि सर्पदंश की स्थिति में मरीज को जितनी जल्दी अस्पताल पहुंचाया जाएगा, उसके स्वस्थ होने की संभावना उतनी अधिक होगी। बरसात के दौरान सांप अक्सर बिलों से बाहर निकल आते हैं। ऐसे में सावधान रहें।
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