भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

जेपीएससी भर्ती परीक्षा में धांधली:छापेमारी में परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल और कोचिंग माफिया...




झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी ) की भर्ती परीक्षाओं में धांधली मामले में सीआईडी का शिकंजा कसता जा रहा है। सोमवार को पांच जिलों में 18 ठिकानों पर छापेमारी में छह करोड़ के चेक, जमीन के दस्तावेज और ओएमआर शीट की कॉपी मिली है। इस खुलासे ने पूरे सिस्टम को हिला दिया है। जांच में साफ हो गया है कि इस धंधे में परीक्षा एजेंसी, कोचिंग संस्थान और दलालों का एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। छापेमारी में सीआईडी को हजारीबाग के पौता गांव के दो भाइयों लालू यादव और प्रदीप यादव के ठिकानों से बड़ी संख्या में हस्ताक्षर किए हुए चेक मिले। अभ्यर्थियों से लिए गए ये चेक छह करोड़ रुपए के हैं। इनके घर से उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड भी मिले हैं। प्रदीप के रिश्तेदार ने हाल ही में आयोजित जेपीएससी सिविल सेवा पीटी उत्तीर्ण की थी। उधर, पलामू के नौडीहा स्थित संतोष कुमार सिंह के आवास से अभ्यर्थियों के ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी के साथ जमीन के कई दस्तावेज भी मिले हैं। सीआईडी को आशंका है कि जो अभ्यर्थी नकद पैसे नहीं दे पाते थे, उनकी जमीन के कागजात गिरवी रख लिए जाते थे। संतोष सिंह पहले पारा शिक्षक था, जिसने सरकारी शिक्षक की परीक्षा पास की थी। इसके अलावा अन्य जगहों से ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी, मार्कशीट, लैपटॉप, मोबाइल, पासबुक आदि बरामद हुए हैं। एडवांस में लेते थे पोस्ट डेटेड चेक सीआईडी की जांच में पता चला है कि इस सिंडिकेट की जड़ें कोचिंग संस्थानों तक फैली हुई थी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थानों के कुछ संचालक और शिक्षक इस खेल से जुड़े हुए थे। वे उन अभ्यर्थियों को चिह्नित करते थे, जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी होती थी। वे पैसे देने की क्षमता रखते थे। फिर शिक्षक उन बच्चों को परीक्षा में पास कराने का झांसा देते थे। सौदा तय होते ही अभ्यर्थियों से एडवांस में लाखों रुपए के चेक, मूल शैक्षणिक दस्तावेज और जमीनों के कागजात ले लिए जाते थे। ये सभी चेक और कागजात अभय तिवारी और उसके सिंडिकेट से जुड़े प्रमुख लोगों तक पहुंचाया जाता था। इधर, पैसे लेकर सेटिंग कराने वाला नेटवर्क बेनकाब, तीन एजेंट गिरफ्तार
सीआईडी ने मंगलवार को इस मामले में तीन एजेंटों को गिरफ्तार किया है। इनमें नामकुम तेतरी टोली का उमेश कुमार, न्यू एरिया पीपर टोली का बुद्धेश्वर भगत और ​बरियातू का रमेश कुमार शामिल है। इसके साथ ही अब इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 14 हो गई है। सीआईडी की जांच में पता चला है कि ये तीनों अभ्यर्थियों से सीधे संपर्क कर उन्हें सेटिंग कराने का झांसा देते थे। अभ्यर्थियों के दस्तावेज जुटाते थे, मोटी रकम वसूलते थे और फिर परीक्षा एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. (टीडीपीएल) तक पहुंचाते थे। इन एजेंटों के टीडीपीएल के निदेशक रामबीर सिंह और मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी से करीबी संबंध थे। ओएमआर की फॉ​रेंसिक जांच का मुद्दा उठाने के बाद अध्यक्ष-सदस्यों में बंद थी बातचीत जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी अभी सुर्खियों में है। रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इसी बीच एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पता चला है कि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर आयोग के भीतर लंबे समय से अंतर्विरोध चल रहा था। पांच भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट पर आयेाग के सदस्यों ने आपत्ति जताई थी। रिजल्ट पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद मतभेद बढ़ गया था। सूत्रों के ​मुताबिक 14वीं सिविल सेवा पीटी का रिजल्ट जारी करने से पहले आयोग के तीन में से दो सदस्यों ने कम से कम 10 ओएमआर शीट की फॉरेंसिक जांच कराने का प्रस्ताव अध्यक्ष के सामने रखा था। टीडीपीएल के रिजल्ट पर संदेह जताते हुए उन्होंने कहा था कि जांच के बाद रिजल्ट पूरी तरह से विवाद से मुक्त रहेगा। लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई और रिजल्ट जारी कर दिया गया।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top