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डुमरिया| महिला नेत्री सह समाजसेवी दुखनी सोरेन शनिवार को डुमरिया के छामड़ाघुटू पहुंचीं और झारखंड आंदोलन रामसाय बास्के के परिजनों से मिलकर उनके निधन पर संवेदना जताई। शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय रामसाय बास्के ने अपना संपूर्ण जीवन झारखंड की अस्मिता, आदिवासी समाज के अधिकारों और जनसेवा के लिए समर्पित किया। वे दिशोम गुरु शिबू सोरेन के विचारों से प्रेरित होकर झारखंड आंदोलन के एक अग्रणी योद्धा बने और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संगठन को पूर्वी सिंहभूम में मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आंदोलन के दौरान उन्होंने अनेक संघर्षों का सामना किया और कई बार जेल भी गए, किंतु अपने सिद्धांतों और जनहित के मार्ग से कभी विचलित नहीं हुए। वे झारखंड आंदोलनकारी आयोग के सदस्य के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन किया। मौके पर शंकर मुंडा, राधावल्लभ नायक, रंजीत हेंब्रम, राजेश बास्के, देवानंद दास, हरिपद दास, दीपक कुमार नायक शांति नायक आदि उपस्थित थे। घाटशिला| शनिवार की सुबह झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए दसमथ टुडू को व्हीलचेयर प्रदान किया। जानकारी हो कि मुसाबनी प्रखंड के दक्षिण बादिया पंचायत के टेटाबादिया ग्राम निवासी झारखंड आंदोलनकारी दसमथ टुडू, जो पिछले कई दिनों से चलने-फिरने में असमर्थ थे। इसकी सूचना झामुमो मुसाबनी प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन ने झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी को दी।इस अवसर पर झामुमो के हीरा सिंह, पूर्णेंदु आचार्य, विक्रम साव सहित झामुमो के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। सभी ने दसमथ टुडू के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। खड़गपुर| पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पश्चिम मेदिनीपुर जिले के बेलदा क्षेत्र में बेलदा वन विभाग और बेलदा-दो नम्बर ग्राम पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में अरण्य सप्ताह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बेलदा के स्वरूपानंद नगर इलाके में विशेष पौधरोपण अभियान चलाकर लगभग 100 से अधिक मूल्यवान पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संतुलन बनाए रखना, लोगों में वृक्षारोपण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा अधिक से अधिक लोगों को हरियाली अभियान से जोड़ना था। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने स्वयं पौधे लगाकर अभियान की शुरुआत की और उपस्थित लोगों से पौधों की देखभाल करने की भी अपील की। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशव्यापी पहल “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को आगे बढ़ाने तथा अरण्य सप्ताह को सार्थक और यादगार बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सके।इस अवसर पर बेलदा वन विभाग के अधिकारी तौहिद अंसारी, बेलदा-दो नम्बर ग्राम पंचायत के उपप्रधान गौरीशंकर अधिकारी, पंचायत के अन्य जनप्रतिनिधि, वनकर्मी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय पर्यावरण प्रेमी और ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। स्थानीय लोगों ने वन विभाग और ग्राम पंचायत की इस संयुक्त पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए, ताकि लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना और अधिक मजबूत हो तथा क्षेत्र में हरियाली का विस्तार हो सके।
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