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झारखंड का आखिरी मोस्ट वांटेड नक्सली अरेस्ट, 1 करोड़ का इनामी मिसिर...


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Jharkhand Maoist Leader Misir Besra Arrest: झारखंड में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. जहां सीआरपीएफ ने ₹1 करोड़ के इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा Naxalite Misir Besra ), मोछू और गौरव हांसदा को गिरफ्तार किया. सभी आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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झारखंड का आखिरी नक्सली अरेस्ट, 1 करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा कौन?Zoom

झारखंड में एक करोड़ का इनामी माओवादी मिसिर बेसरा गिरफ्तार

रांची: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना भाकपा (माओवादी) का शीर्ष नेता और ₹1 करोड़ का इनामी केंद्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा ( Naxalite Misir Besra ) गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके साथ 2 अन्य कुख्यात माओवादी मोछू और गौरव हांसदा को भी सुरक्षा बलों ने दबोच लिया है. इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान की सबसे महत्वपूर्ण सफलताओं में से एक माना जा रहा है.

CRPF की कोबरा बटालियन ने चलाया था अभियान

बता दें कि सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन-209 ने खुफिया सूचना मिलने के बाद विशेष अभियान चलाया था. इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए मिसिर बेसरा और उसके 2 सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया. वहीं, अधिकारियों के मुताबिक, इस ऑपरेशन को पूरी तैयारी और सटीक रणनीति के साथ अंजाम दिया गया, जिसके चलते सुरक्षा बलों को यह बड़ी सफलता मिली है.

सुरक्षा एजेंसियों के लिए बना था चैलेंज

जहां मओवादी नेता मिसिर बेसरा लंबे समय से झारखंड सहित पूर्वी भारत के कई राज्यों में माओवादी गतिविधियों के संचालन से जुड़ा रहा है. वह भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय कमेटी का सदस्य था और उस पर कई बड़े नक्सली हमलों की साजिश रचने तथा संगठन को मजबूत करने के आरोप रहे हैं. उसकी गिरफ्तारी के लिए सरकार ने ₹1 करोड़ का इनाम घोषित किया था. उसकी गिरफ्तारी के लिए पिछले कई सालों से केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में लगातार अभियान चला रही थीं.

झारखंड में नक्सली नेटवर्क को अब लगा बड़ा झटका

बता दें कि सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी से माओवादी संगठन की नेतृत्व क्षमता और नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा. जहां इस संगठन के लिए वह एक अहम रणनीतिक चेहरा माना जाता था. ऐसे में उसके पकड़े जाने से झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क कमजोर पड़ सकती है.

नक्सल विरोधी अभियान को मिली मजबूती

पिछले कुछ सालों में झारखंड में सुरक्षा बलों ने लगातार अभियान चलाकर कई बड़े माओवादी नेताओं को गिरफ्तार है. इसी का परिणाम है कि राज्य में नक्सली गतिविधियों का दायरा पहले की तुलना में काफी सीमित हुआ है. मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी को इसी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. जहां मिसिर बसेरा के साथ उसके 2 करीबी भी गिरफ्तार हुए हैं.

अब जहां सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार तीनों माओवादियों से पूछताछ कर रही हैं. वहीं, अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ से संगठन के नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों और अन्य सक्रिय माओवादियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान आगे और भी पूरी ताकत के साथ जारी किया जाएगा.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com<…

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