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झारखंड की अनोखी परंपरा! घोड़े के अंदर घुसकर नाचते हैं कलाकार, राजा-महाराजाओं...


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Jharkhand Adivasi Ghoda Nach: झारखंड में आदिवासी समाज का हजारों साल पुराना घोड़ा नाच अब विलुप्त होने की कगार पर है. इस पारंपरिक नृत्य को बचाने के लिए समाज के लोग शादी, मेलों और समारोहों में इसे प्रदर्शित कर रहे हैं. यहां डांस करने वाले दिनेश ने बताया कि यह हजारों साल पुरानी उनकी परंपरा है.

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रांची: झारखंड के आदिवासी समाज का हजारों साल पुराना एक बहुत ही खूबसूरत डांस है. जिसे घोड़ा नाच कहते हैं. सबसे खास बात यह है कि इसमें घोड़ा बड़े ही खास तरीके से बनाया जाता है और इंसान उसके बीच में सवार होकर तरह-तरह का नाच दिखाता है, जो दिखने में काफी यूनिक और बड़ा ही खूबसूरत लगता है. आइये जानते हैं इस परंपरा के बारे में.

दिनेश बताते हैं कि यह हम आदिवासी समुदाय का बहुत ही पुराना नृत्य है. यह कितना पुराना है, यह कहना मुश्किल है. यह हजारों साल पुराना है. पहले के राजा महाराजा जब युद्ध जीत कर आते थे, तो इस तरीके से उनका स्वागत होता था. यह डांस विवाह उत्सव समेत कई तरह के चीजों में किया जाता है.

अब विलुप्त हो रहा डांस

दिनेश बताते हैं कि अब यह विलुप्त होता जा रहा है. अब हमारे समाज में 90% लोग इसके बारे में नहीं जानते हैं. इसलिए इसे जीवंत रखने के लिए हम लोग हर शादी विवाह समारोह मेले व आखड़ा सब जगह जरूर दिखाते हैं. वह लोगों को बताते हैं कि यह हमारी परंपरा है, धरोहर है, जो हजारों साल पुरानी है. इसको बचाने के लिए हम लोग आग बढ़ रहे हैं.

वह आगे बताते हैं कि यह मिट्टी, कपड़ा, गेहूं का भूसा इन सब चीजों का बना होता है. इसलिए बहुत ही मजबूत फाइबर बन जाता है. जैसे बच्चे जो एग्जाम में कार्डबोर्ड ले जाते हैं. बिल्कुल वैसा ही बोर्ड की तरह ही बन जाता है. अंदर बांस का सपोर्ट रहता है और बाहर में हम लोग बहुत ही खूबसूरत पेंटिंग करते हैं और यह बहुत ही मजबूत होता है, आसानी से टूटता नहीं है.

घोड़े के बीच में खड़े होकर करते हैं डांस

हमलोग घोड़ा बनाते हैं और उसके बीच में खड़े हो जाते हैं और अंदर में खुद को घोड़े से बांध लेते हैं और फिर डांस होता है. हमारी कोशिश बस यही है कि जो हजारों सालों से परंपरा चली आ रही है लोग इसको जानें और पहचाने. बस इसीलिए हम लोग दिन रात मेहनत कर रहे हैं. अब कोई बड़े मेले का आयोजन होता है तो उसमें भी हम नृत्य को दिखाने का काम करते हैं.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com<…

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