भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, रद्द परीक्षाओं पर लगाई रोक, अब JSSC...


Last Updated:

Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC CGL और CDPO परीक्षा को रद्द करने के सरकार के फैसले पर रोक लगा दी. कोर्ट के इस फैसले से परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली. अब रद्दीकरण के बाद प्रभावित हुए सफल अभ्यर्थियों के दोबारा काम पर लौटने का रास्ता साफ हो गया.

झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, रद्द परीक्षाओं पर लगाई रोकZoom

रांची हाईकोर्ट ने सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले पर स्टे लगाया.

रांचीः झारखंड में परीक्षाएं रद्द करने के सरकार के फैसले पर अब हाईकोर्ट ने रोक लगा दी. गुरुवार को Food Safety Officer परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों को राहत मिली थी. अब शुक्रवार को JSSC CGL और CDPO परीक्षा रद्द करने के आदेश पर भी कोर्ट ने स्टे लगा दिया. इस फैसले से सफल अभ्यर्थियों में खुशी है. कोर्ट के आदेश के बाद उनके फिर से काम पर लौटने का रास्ता साफ हो गया. सरकार को अब 15 दिनों के भीतर हाईकोर्ट में अपना जवाब देना होगा. परीक्षा रद्द करने का पूरा मामला अब अदालत में है.

दरअसल, झारखंड में परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ सफल अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. मामले में दाखिल याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने सरकार के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है. साथ ही राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. सरकार को काउंटर एफिडेविट के जरिए अपना पक्ष रखना होगा. इस मामले में एक दिन पहले यानी गुरुवार को भी हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी. गुरुवार को फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा को लेकर राज्य सरकार के आदेश पर कोर्ट ने रोक लगाई थी. अब शुक्रवार को JSSC CGL और CDPO परीक्षा से जुड़े मामले में भी अभ्यर्थियों को राहत मिली.

तीन अलग-अलग याचिकाएं हुई थीं दाखिल
इसके अलावा JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा से जुड़ी तीन अलग-अलग याचिकाओं पर भी हाईकोर्ट ने स्टे दिया है. इन मामलों में भी सरकार के संबंधित आदेश पर फिलहाल रोक रहेगी. मालूम हो कि परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले के खिलाफ अभ्यर्थियों की ओर से तीन अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई थीं. सोनम कुमारी, अवधेश कुमार समेत अन्य की ओर से याचिकाएं दायर की गई थीं. याचिकाकर्ताओं ने सरकार के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द किया गया था.

छात्र आंदोलन के बाद रद्द की गई थीं परीक्षाएं
झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लंबे छात्र आंदोलन के बाद लिया गया था. कथित परीक्षा गड़बड़ी और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर छात्रों ने करीब 26 दिनों तक आंदोलन किया. छात्र नेता देवेंद्र महतो की 16 दिनों तक भूख हड़ताल भी चली. आंदोलन के दबाव के बाद सरकार ने कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और अन्य मामलों की जांच का फैसला किया. इसके बाद आंदोलनकारी छात्रों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया. हालांकि, फैसला होते ही दूसरी तरफ उन सफल अभ्यर्थियों ने भी प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिनकी नौकरी या नियुक्ति इस फैसले से प्रभावित हो रही थी. उनका कहना था कि अगर किसी परीक्षा में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों पर कार्रवाई हो, लेकिन बिना व्यक्तिगत जांच के सभी सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति रद्द करना सही नहीं है.

About the Author

Mahesh Amrawanshi

Journalist with a sharp focus on Bihar and Jharkhand, covering politics, crime, and trending stories with a strong ground-level perspective. Passionate about listening to stories, understanding them deeply, and…

और पढ़ें



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top