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पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी स्थित एसीसी सीमेंट वर्क्स को बंद किए जाने की आशंका के बीच बुधवार को बड़ा जनाक्रोश देखने को मिला। हजारों की संख्या में ग्रामीण, मजदूर और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। करीब 18 किलोमीटर पैदल मार्च कर जिला मुख्यालय चाईबासा पहुंचे। एसीसी बचाव संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में लोगों ने जमकर नारेबाजी की। नारों से पूरा शहर गूंजता रहा। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। प्लांट बंद होने से हजारों परिवारों पर संकट संघर्ष समिति का कहना है कि करीब 80 वर्ष पुराना यह सीमेंट प्लांट केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि पूरे इलाके की आर्थिक रीढ़ है। समिति के अनुसार, यदि प्लांट बंद होता है तो 74 स्थायी कर्मचारियों के साथ लगभग 1,600 अस्थायी मजदूर सीधे प्रभावित होंगे। इसके अलावा रैयतों, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों, ठेका कर्मियों, छोटे दुकानदारों और अन्य सहायक व्यवसायों से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका पर भी गहरा संकट आ जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी प्रबंधन और राज्य सरकार से अगस्त माह से प्लांट बंद करने के नोटिस पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां बाधित न हों और लोगों का रोजगार सुरक्षित रह सके। आंदोलन तेज करने की चेतावनी मुख्यमंत्री के नाम तैयार ज्ञापन में राज्य सरकार से कंपनी प्रबंधन के साथ जल्द वार्ता कर समाधान निकालने और प्लांट का संचालन पूर्व की भांति सुचारु रूप से जारी रखने की अपील की गई है। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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