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राजधानी रांची की शहरी कनेक्टिविटी और पब्लिक यूटिलिटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। नामकुम आरओबी से टाटीसिल्वे होते हुए रिंग रोड को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित रेडियल फोरलेन सड़क और नया सराय रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। पथ निर्माण विभाग ने संकेत दिए हैं कि दोनों परियोजनाओं पर जल्द ही वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। इन परियोजनाओं के शुरू होने से राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिदिन सफर करने वाले लाखों लोगों को ट्रैफिक जाम, लंबी दूरी तय करने की परेशानी, समय की बर्बादी और अतिरिक्त ईंधन खर्च से बड़ी राहत मिलेगी। बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने अधिकारियों को लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। पुरुलिया रोड, रिंग रोड की कनेक्टिविटी होगी बेहतर टाटीसिल्वे फोरलेन सड़क के शुरू होने के बाद रांची शहर से पुरुलिया मार्ग और रिंग रोड तक पहुंच पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगी। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ टाटीसिल्वे, नामकुम, सिल्ली और आसपास के औद्योगिक तथा आवासीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिलेगा। नई सड़क चालू होने से भारी वाहनों का दबाव शहर के भीतर कम होगा, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आएगा और रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही आवागमन सुगम होने से व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। आरओबी से कांके, पंडरा, रातू के लोगों को राहत इधर, नया विधानसभा से लोहरदगा रेल लाइन पार करते हुए नया सराय तक बन रहा रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) भी अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके शुरू होने के बाद रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। खासकर कांके, पंडरा, रातू और आसपास के इलाकों से आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। आरओबी बनने से न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि एंबुलेंस, स्कूल बस और अन्य जरूरी सेवाओं की आवाजाही भी बाधारहित और तेज हो सकेगी। बरसात से पहले सड़कों की मरम्मत का निर्देश प्रधान सचिव ने कहा कि जहां पाइपलाइन, केबल बिछाने या अन्य यूटिलिटी कार्यों के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन्हें बरसात से पहले दुरुस्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खराब सड़कों का सीधा असर आम लोगों की सुविधा और यातायात व्यवस्था पर पड़ता है। एजेंसियों की तय होगी जवाबदेही बैठक में निर्माण एजेंसियों को मुख्यालय बुलाकर कार्यों की समीक्षा करने और समयसीमा तय करने का निर्देश दिया गया। मेटेरियल की उपलब्धता और तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए अंतरविभागीय बैठक भी होगी, ताकि योजनाओं की गति प्रभावित न हो। राज्य में 222 सड़क, 62 पुल योजनाओं पर काम विभागीय समीक्षा में बताया गया कि राज्य में फिलहाल 222 सड़क और 62 पुल योजनाएं स्वीकृत हैं। 19 डिवीजनों में चल रही 39 प्रमुख योजनाओं की प्रगति 90% तक पहुंच चुकी है। विभाग का लक्ष्य इन्हें जल्द पूरा कर लोगों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है।
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