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चलती ट्रेन में अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। कुछ ही देर में सहयात्री महिलाओं ने मदद के लिए मोर्चा संभाल लिया। ट्रेन हटिया पहुंचती, उससे पहले ही चलती ट्रेन में एक बच्ची का जन्म हो गया। कुछ पल पहले तक जिस कोच में प्रसव पीड़ा को लेकर बेचैनी थी, वहीं नवजात की किलकारी गूंज उठी। यात्रियों के चेहरों पर चिंता की जगह खुशी और राहत दिखाई देने लगी। यह घटना 13 अगस्त को अल्लापुझा-धनबाद एक्सप्रेस में हुई। लोहरदगा की रहनेवाली 24 वर्षीय पुनिता कुमारी पलक्कड (केरल) से रांची आ रही थीं। बी-4 कोच की सीट नंबर-18 पर सफर के दौरान बकसपुर स्टेशन (रांची) के पास उन्हें अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। ट्रेन में मौजूद टीटी एस. मंडल ने इसकी सूचना तुरंत रेलवे को दी। इसके बाद रांची मंडल के वाणिज्यिक नियंत्रण कक्ष ने हटिया स्टेशन पर मेडिकल टीम तैयार कर दी। लेकिन हटिया पहुंचने से पहले ही गोविंदपुर और हटिया के बीच चलती ट्रेन में पुनिता ने सहयात्री महिलाओं की मदद से एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। सुबह करीब 7.52 बजे ट्रेन हटिया स्टेशन पहुंची। वहां पहले से तैयार रेलवे की मेडिकल टीम ने मां और नवजात की जांच की। डॉक्टरों ने दोनों की स्थिति स्थिर और संतोषजनक बताई। मां और बच्ची को सुरक्षित उतारने और जरूरी चिकित्सा सहायता देने के लिए ट्रेन को सुबह 7.52 बजे से 8.13 बजे तक कुल 21 मिनट हटिया स्टेशन पर रोका गया। इस ट्रेन का हटिया में निर्धारित ठहराव सिर्फ 5 मिनट है। यानी मां-बच्ची की देखभाल के लिए ट्रेन निर्धारित समय से 16 मिनट अधिक रुकी। यात्रियों के चेहरों पर बेचैनी … फिर छाई मुस्कुराहट कुछ देर पहले तक कोच में प्रसव पीड़ा को लेकर बेचैनी थी। बच्ची के जन्म के बाद वही कोच नवजात की किलकारी से गूंज उठा। सहयात्री महिलाओं की मदद से प्रसव होने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। मां और बच्ची की हालत ठीक मिलने के बाद माहौल और खुशनुमा हो गया। चलती ट्रेन में जन्मी यह बच्ची वहां मौजूद यात्रियों के लिए सफर की ऐसी याद बन गई, जिसे वे लंबे समय तक नहीं भूलेंगे। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर एक नई जिंदगी के दुनिया में आने की यह कहानी ट्रेन के यात्रियों के लिए खास बन गई। ट्रेन में तबीयत बिगड़े तो 139 पर मांगें मदद रांची रेल मंडल की सीनियर डीसीएम श्रेया सिंह ने बताया कि चलती ट्रेन में किसी यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। तुरंत रेलवे से मेडिकल सहायता मांगी जा सकती है। इसके लिए 139 पर संपर्क कर ट्रेन नंबर, कोच और सीट नंबर के साथ मरीज की स्थिति और ट्रेन की वर्तमान लोकेशन बतानी चाहिए। यात्री रेल मदद ऐप के जरिए भी सहायता मांग सकते हैं। इसके अलावा टीटीई या ट्रेन में मौजूद रेलवे स्टाफ को तुरंत सूचना देनी चाहिए। यह बताना भी उपयोगी होगा कि ट्रेन किस अगले स्टेशन पर पहुंचने वाली है। इससे रेलवे वहां जरूरत के अनुसार मेडिकल टीम या दूसरी जरूरी सहायता की व्यवस्था कर सकता है। गंभीर स्थिति में मरीज को अगले स्टेशन पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है। पुनिता के मामले में भी सूचना मिलते ही रेलवे ने हटिया स्टेशन पर मेडिकल टीम तैयार कर दी थी।
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