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होटवार जेल पिछले कुछ महीनों से रह-रह कर चर्चा में आ जाता है। इसका कारण कोई अच्छा कार्य नहीं, बल्कि वहां के कर्मियों पर लगने वाले गंभीर आरोप हैं। पैसे के बल पर कभी जेलर द्वारा डांस पार्टी की छूट देने तो कभी नशे का सामान बरामद होने की घटना सामने आती रही है। कक्षपाल समेत अन्य कर्मियों पर कैदियों तक मोबाइल फोन व प्रतिबंधित सामान पहुंचाने का आरोप लगा है। इस बार जेल सुपरिंटेंडेंट पर एक महिला बंदी का यौन शोषण करने का आरोप लगा है। इसके कारण रविवार को एक बार फिर होटवार का बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा चर्चा में है। पिछले कुछ महीनों में जिस तरह लगातार जेलर और सुपरिंटेंडेंट पर सवाल उठे हैं, उसने राज्य की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली होटवार जेल की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। होटवार जेल में सिर्फ सामान्य कैदी ही नहीं, बल्कि नक्सली, गैंगस्टर, आर्थिक अपराध से जुड़े आरोपियों को भी रखा जाता है। ऐसे में यहां सुरक्षा और निगरानी का स्तर दूसरी जेलों से कहीं अधिक है। होटवार जेल के अंदर ही 150 से अधिक जवान सुरक्षा में तैनात हैं। सिर्फ महिला वार्ड की सुरक्षा में 30 से अधिक महिला सिपाही हैं। इनमें से ही दो को वार्डन बनाया गया है। महिला वार्ड के हर गेट पर हाई रिजोल्यूशन कैमरा लगा है। हालांकि लगातार सामने आने वाले विवाद बताते हैं कि जेल की दीवारों के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है। हाल में होटवार जेल में हुई चर्चित घटनाएं 5 नवंबर 2025 : होटवार जेल के एक हॉल में कैदियों का डांस करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में डांस कर रहे कैदी शराब और जीएसटी घोटाले के आरोपी बताए गए थे। हाफ पैंट व टीशर्ट पहने दो आरोपी लगातार ठुमके लगा रहे थे। वायरल वीडियो के आधार पर जेल आईजी ने कार्रवाई करते हुए जेलर देवनाथ राम और जमादार विनोद कुमार को निलंबित कर दिया था। जेल के अंदर कई सिम एक्टिव मिले थे, पर केस के बाद भी कार्रवाई नहीं
जेल के अंदर मोबाइल फोन और बाहरी अपराध नेटवर्क के संचालन को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। कुछ वर्ष पहले सुरक्षा एजेंसी ने कॉल डंप के माध्यम से जांच की तो जेल कैंपस में कई सिम कार्ड एक्टिव मिले थे। इसके बाद खेलगांव थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने अबतक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जिला प्रशासन की टीम जब पुलिस की मदद से छापेमारी करती है तो प्रतिबंधित सामान के नाम पर उसे सिर्फ तंबाकू आैर गुटखा मिलता है। खाली हाथ ही टीम वापस लौट जाती है। जेल में रहकर गिरोह चला रहे अपराधी, पुलिस जांच में भी हो चुकी है पुष्टि कई संगठित गिरोह के अपराधी जेल में बंद हैं। वे अंदर से ही रंगदारी मांगने का धंधा बेखौफ चला रहे हैं। गिरोह के सरगना के अलावा कई सदस्य भी फोन का इस्तेमाल कर रंगदारी वसूल रहे हैं। प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस जांच में इसकी पुिष्ट भी हुई है। कई अपराधियों ने पकड़े जाने के बाद पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि गिरोह के सरगना ने जेल के अंदर से ही रंगदारी वसूलने का फरमान जारी किया था। इसके बावजूद जेल प्रशासन के खिलाफ कभी कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई। 24 माह में 8 जेलर व सुपरिंटेंडेंट का हुआ तबादला, कई पर लगे गंभीर आरोप होटवार जेल में पिछले 24 महीने में 8 जेलर व सुपरिंटेंडेंट का तबादला किया जा चुका है। एक भी जेलर व सुपरिंटेंडेंट ने एक साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया। जेल सुपरिंटेंडेंट हामिद अख्तर आैर जेलर नसीम अख्तर के हटने के बाद से लगातार ट्रांसफर- पोस्टिंग का दौर जारी है। जब तक एक सुपरिंटेंडेंट व जेलर आकर ठीक से काम शुरू भी नहीं करते, उन पर कोई गंभीर आरोप लग जाता है और हटा दिए जाते हैं। लगातार अधिकारियों के तबादले भी कई सवाल खड़े करते हैं। यह संदेश जाता है कि या तो व्यवस्था पर नियंत्रण नहीं है या अंदरूनी दबाव में अधिकारी लंबे समय तक टिक नहीं पा रहे। 28 फरवरी 2025 : आजीवन कारावास की सजा काट रहे जिस कैदी समीर तिर्की को वार्ड में अन्य कैदियों को बंद करने का जिम्मा दिया गया था, मौका देखकर वह खुद ही 22 फीट ऊंची बाउंड्री फांदकर फरार हो गया। आईजी ने 1 मार्च 2025 को सुरक्षा में तैनात 6 कक्षपाल को सस्पेंड कर दिया था। 31 अगस्त 2025 : बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में पैसे के बल पर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थी। दैनिक भास्कर की एक माह तक की गई पड़ताल में खुलासा हुआ था कि जेल प्रशासन को 20 हजार रु. महीना दीजिए आैर कैदियों तक कुछ भी आपत्तिजनक सामान भेजिए।
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