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दीपिका का आरोप- कर्मियों को पैसे बांटे, भाजपा बोली- हार के...




झारखंड राज्यसभा चुनाव: स्क्रूटनी के दौरान भारी हंगामा, परिमल नाथवानी के नामांकन पर मैराथन सुनवाई झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव की स्क्रूटनी (नामांकन पत्रों की जांच) प्रक्रिया बुधवार को एक बड़े सियासी दंगल में तब्दील हो गई। सुबह 10:00 बजे से ही सियासी पारा चढ़ने लगा था। करीब 10:30 बजे परिमल नाथवानी अपने वकीलों और तकनीकी सलाहकारों की भारी-भरकम टीम के साथ विधानसभा पहुंचे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील सलमान खुर्शीद भी बहस में शामिल होने के लिए रांची पहुंचे थे, लेकिन उन्हें तकनीकी आधार पर सुनवाई कक्ष के अंदर जाने से रोक दिया गया, जिसने विवाद को और भड़का दिया। इस पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि विधानसभा कर्मचारियों को 500-500 रुपए बांटे गए हैं। इधर, एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और प्रमुख उद्योगपति परिमल नाथवानी के नामांकन पत्रों में विसंगतियों को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों पर बुधवार को रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार के समक्ष मैराथन सुनवाई हुई। सुबह 11 बजे शुरू हुआ यह हाई-प्रोफाइल विवाद देर शाम तक चलता रहा, जिसके कारण विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों ओर जमकर हंगामा और नारेबाजी हुई। बुधवार सुबह से ही झारखंड विधानसभा परिसर किसी छावनी जैसा नजर आ रहा था। वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, लेकिन राजनीतिक दलों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा था। दरअसल, मंगलवार को स्क्रूटनी के दौरान कांग्रेस विधायक और पार्टी उम्मीदवार प्रणव झा के प्रस्तावक नमन बिक्सल कोंगारी ने परिमल नाथवानी के फॉर्म में गंभीर त्रुटियों का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने नाथवानी को बुधवार सुबह 11:00 बजे तक अपना पक्ष रखने या व्यक्तिगत रूप से पेश होने का समय दिया था। इसे लेकर सुबह 10 बजे से ही कांग्रेस के मंत्री, विधायक व उनके समर्थक विधानसभा पहुंच गए थे, वहीं भाजपा के विधायक व उनके समर्थक भी पार्टी का झंडा लेकर पहुंचे हुए थे। आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा “भाजपा हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के जरिए चुनाव जीतना चाहती है। चुनाव आयोग पूरी तरह से भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है और नियमों की अनदेखी की जा रही है।”— राजेश कच्छप, कांग्रेस विधानसभा के भीतर और बाहर आमने-सामने आए कार्यकर्ता सुबह 11 बजते-बजते हंगामा चरम पर पहुंच गया। विधानसभा के मुख्य द्वार के ठीक बाहर और गलियारों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय चुनाव आयोग और भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेसियों का आरोप था कि निर्वाचन अधिकारी भाजपा के दबाव में काम कर रहे हैं। कांग्रेस के मंत्री इरफान अंसारी और मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की समर्थकों के साथ विधानसभा के बाहर सड़क पर बैठ गईं और नारेबाजी करने लगीं। कुछ ही देर बाद जवाब में भाजपा के कार्यकर्ता भी विधानसभा के गेट पर आकर डट गए और उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति इस कदर बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर भाजपा समर्थकों को विधानसभा परिसर के अंदर जाने से रोका। इस दौरान भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने विधानसभा के अंदर जबरन घुसने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। झारखंड के जनमत का सीधे-सीधे अपमान “नामांकन पत्रों में इतनी गंभीर त्रुटियां होने के बावजूद इस पर ढुलमुल रवैया अपनाना झारखंड के जनमत का सीधे-सीधे अपमान है। हम इसके खिलाफ आखिरी दम तक लड़ेंगे।”— नमन विक्सल कोनगाड़ी, विधायक पक्ष-विपक्ष ने लगाए आरोप



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