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देवघर जिले के देवीपुर प्रखंड के अमजो गांव में स्कूली शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से एक अत्याधुनिक विज्ञान केंद्र का निर्माण पूरा हो गया है। लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से इसे बनाया गया है। इस केंद्र का उद्देश्य ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रयोगात्मक विज्ञान शिक्षा उपलब्ध कराना है। यह केंद्र खासतौर पर उन छात्रों के लिए लाभकारी साबित होगा, जिनकी पहुंच अब तक आधुनिक लैब सुविधाओं तक नहीं थी। केंद्र में छठी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए व्यवस्थित प्रयोगशाला आधारित शिक्षा की पूरी तैयारी की गई है। यहां मिलेगी किताबों से आगे की जानकारी इस विज्ञान केंद्र में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान से जुड़े कई आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। इन उपकरणों की मदद से छात्र विज्ञान के जटिल सिद्धांतों को प्रयोग के माध्यम से आसानी से समझ सकेंगे। अब तक अधिकांश सरकारी स्कूलों में विज्ञान की पढ़ाई केवल सैद्धांतिक रूप तक सीमित रहती थी, लेकिन इस पहल से छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा। इससे उनकी समझ बेहतर होगी और विषय के प्रति रुचि भी बढ़ेगी। प्रयोग आधारित शिक्षा के जरिए छात्र खुद अनुभव कर सीख सकेंगे, जो उनकी बौद्धिक क्षमता को विकसित करेगा। माइनिंग, मिसाइल और न्यूक्लियर साइंस की जानकारी झारखंड के खनन क्षेत्र के रूप में महत्व को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र में माइनिंग इंजीनियरिंग से संबंधित उपकरण भी स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही छात्रों को मिसाइल तकनीक और न्यूक्लियर साइंस जैसे आधुनिक और उन्नत विषयों की प्रारंभिक जानकारी भी दी जाएगी। इस तरह की पढ़ाई से छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित होगी और वे भविष्य में शोध एवं तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे। यह पहल ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को बड़े शहरों के समान अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। दो-तीन महीने में शुरू होगा सेंटर विज्ञान केंद्र के केयरटेकर विकास कुमार ने बताया कि भवन पूरी तरह तैयार है और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र शुरू होने के बाद छात्र स्वयं प्रयोग कर विज्ञान को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। वहीं स्थानीय छात्राओं और ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की है। जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार के अनुसार, अगले दो से तीन महीनों के भीतर केंद्र का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद जिले भर के छात्र यहां आकर आधुनिक विज्ञान शिक्षा का लाभ उठा सकेंगे।
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