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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई. लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों ने इसे अपनी एकता और संघर्ष की पहली बड़ी जीत करार देते हुए जोरदार जश्न मनाया. हालांकि, छात्रों का साफ कहना है कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. असली मकसद केवल चेहरा बदलना नहीं बल्कि पूरी शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और बेहतर बनाना है.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई. प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे को बधाई दी, नारे लगाए और इसे अपने लंबे आंदोलन की पहली बड़ी जीत बताया. (PTI)
छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होने की शुरुआत है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि उनका आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है. उनका लक्ष्य पूरे शिक्षा तंत्र में सुधार और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है. (PTI)
जंतर-मंतर पर मौजूद एक छात्र ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से हमें बहुत खुशी हुई है. यह छात्रों की आवाज और एकजुटता की जीत है. उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में अधिकारियों के स्तर पर मौजूद खामियों को भी दूर करना होगा. (PTI)
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एक छात्रा ने कहा कि इस्तीफा पहला कदम जरूर है, लेकिन सिर्फ इससे काम नहीं चलेगा. शिक्षा विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करनी होगी. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बच्चों को शुरुआती स्तर पर अच्छी शिक्षा ही नहीं मिलेगी, तो वे आगे चलकर NEET जैसी कठिन परीक्षाओं में कैसे सफल होंगे? (PTI)
एक अन्य छात्रा ने दावा किया कि लगातार चल रहे छात्र आंदोलन की वजह से ही सरकार को यह फैसला लेना पड़ा. उन्होंने कहा कि जब लोग एकजुट होकर अपनी बात रखते हैं, तभी सरकार सुनती है. (PTI)
एक छात्रा ने बताया कि वह सोमवार से ही शनिवार का इंतजार कर रही थीं ताकि जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल हो सकें. लेकिन रास्ते में ही परिवार का फोन आया और उन्हें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिली. उन्होंने कहा कि इस फैसले से सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेही का संदेश जाएगा. (PTI)
एक अन्य छात्रा ने इसे युवाओं की जीत और छात्र एकता की ताकत बताया. वहीं, एक छात्रा ने कहा कि उन्हें इस इस्तीफे की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी. उन्होंने फैसला लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद भी किया. (PTI)
एक छात्र ने कहा कि बदलाव एक दिन में नहीं आता. यह एक-एक कदम आगे बढ़ने से होता है. उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आंदोलन जारी रहेगा. (PTI)